Tokyo Olympics: कमलप्रीत कौर इतिहास रचने से चूकीं, 63.70 मीटर थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहीं
- इतिहास रचने से चूकीं कमलप्रीत कौर
- 63.70 मीटर थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहीं
- डिस्कस थ्रो में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
- अमेरिका की वैलेरी ऑलमैन ने जीता स्वर्ण पदक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
'खेलों के महाकुंभ' टोक्यो ओलंपिक में सोमवार को भारतीय महिला डिस्कस थ्रो एथलीट कमलप्रीत कौर इतिहास रचने से चूक गईं। वह 63.70 मीटर थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहीं। पहले प्रयास में उन्होंने 61.62 का डिस्कस थ्रो किया। दूसरा प्रयास कमलप्रीत का फाउल गया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 63.70 मी का थ्रो किया था। वहीं, चौथे प्रयास में वह फाउल कर गईं। कमलप्रीत कौर ने पांचवें प्रयास में 61.37 मीटर का थ्रो किया। वहीं, छठे प्रयास में वह फाउल कर गईं। इसी के साथ वह पदक से चूक गईं। बता दें कि दूसरे प्रयास के बाद बारिश के चलते कुछ समय के लिए खेल को रोक दिया गया था। वहीं, बीते दिनों सीमा पुनिया ने टोक्यो ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ देते हुए 60.57 मीटर का थ्रो फेंककर छठे स्थान पर रहीं। हालांकि, वह फाइनल में नहीं पहुंच पाई थीं।
अब तक का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
बता दें कि डिस्कस थ्रो में भारत का अब तक का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे पहले 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया भी लंदन ओलंपिक 2012 में छठे स्थान (63.62 मीटर) पर रही थीं जबकि विकास गौड़ा 64.79 मीटर के साथ आठवें स्थान पर रहे थे।
वैलेरी ऑलमैन ने जीता गोल्ड
बता दें कि अमेरिका की वैलेरी ऑलमैन ने 68.98 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, जर्मनी की थ्रोअर क्रिसटिन ने 66.86 मीटर थ्रो के साथ रजत पदक पर कब्जा किया। क्यूबा की चक्का फेंक खिलाड़ी परेज यैमे 65.72 मीटर का थ्रो फेंकर तीसरे स्थान पर रहीं। उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
64 मीटर का डिस्कस फेंककर फाइनल के लिए किया था क्वालीफाई
गौरतलब है कि कमलप्रीत ने क्वालीफिकेशन में 64 मीटर का डिस्कस फेंककर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। क्वालीफिकेशन राउंड में ग्रुप बी में तीसरे प्रयास में 64 मीटर दूर का थ्रो फेंका और दूसरे स्थान पर रहीं। डेब्यू ओलंपिक में कमलप्रीत ने खास प्रभावित किया है। उन्होंने क्वालिफिकेशन के पहले प्रयास में 60.29 और दूसरे प्रयास में 63.97 मीटर दूर डिस्कस फेंका। इसके बाद तीसरे प्रयास में उन्होंने 64 मीटर दूर डिस्कस फेंका। अगर कमलप्रीत पदक जीतने में सफल रहती तो यह ओलंपिक में ट्रैक एंड फील्ड में भारत का पहला पदक होता। मगर ऐसा करने में वो असफल रहीं।