अदिति अशोक: 41वें पायदान से चौथी रैंक तक, कैसे भरी इतनी ऊंची उड़ान, जानें रियो से टोक्यो तक सफरनामा
भारत की अदिति अशोेक टोक्यो ओलंपिक में महिला वर्ग में गोल्फ में पदक जीतने से चूक गईं। वह चौथे स्थान पर रहीं। इस बार के बाद वह पदक की रेस बाहर हो गईं।
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भारत की गोल्फर अदिति अशोक टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने से चूक गईं। वह महिला व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले में चौथे स्थान पर रहीं। इस हार के बाद वह मेडल की रेस से बाहर हो गईं। इस स्पर्धा का शुक्रवार को जब तीसरा राउंड खत्म हुआ था तो वह दूसरे स्थान पर थीं लेकिन इसके बाद आज उनके साथ काफी उतार-चढ़ाव हुआ। जिसके चलते कभी वह मेडल रेस से बाहर हुईं तो कभी उन्होंने वापसी कर पदक जीतने की उम्मीद बनाए रखी। लेकिन अंत में वह पदक की रेस से बाहर हो गईं। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल नैली कोर्दा ने जीता जबकि रजत और कांस्य पदक के लिए जापान की मोनी इनामी और न्यूजीलैंड की लेडिया के बीच मुकाबला खेला जाएगा।
अदिति अशोक भले ही पदक न ला पाई हों लेकिन उन्होंने हारकर भी दिल जीत लिया। वह कई वर्षों से गोल्फ में भारत प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इससे पहले रियो ओलंपिक में वह 41वें स्थान पर रही थीं लेकिन बाद में अदिति ने खूब मेहनत की और आज दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी हैं। यहां तक पहुंचने के लिए लगन और तपस्या की जरूरत होती है। यह वजह कि वह टोक्यो ओलंपिक में आखिरी समय तक पदक की रेस में बनी रहीं। गोल्फ में शानदार प्रदर्शन करने के लिए उनकी जमकर तारीफ की जा रही है।
Well played, Aditi Ashok! One more daughter of India makes her mark! You have taken Indian golfing to new heights by today's historic performance. You have played with immense calm & poise. Congratulations for the impressive display of grit & skills: President Kovind
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(File pic) pic.twitter.com/nyPvm8qk2j — ANI (@ANI) August 7, 2021
अदिति अशोक ने बेहतरीन प्रदर्शनक किया। वह भारत को गोल्फ में पहला पदक दिलाने से एक स्थान से चूक गईं। साल 2016 रियो ओलंपिक में अदिति 41वें नंबर पर रही थीं। लेकिन इस बार उन्होंने दमदार प्रदर्शन करते हुए 60 खिलाड़ियों में उन्होंने चौथा स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि किसी से कम नहीं है।
गोल्फ का यह मुकाबला चार दिन तक खेला गया। इस दरम्यान अदिति कई बार दूसरे और तीसरे नंबर पर रहीं। अंतिम दिन भी कुछ उतार-चढ़ाव को अगर छोड़ दें तो वह लगातार मेडल की रेस में बनी रहीं। लेकिन किस्मत पर जोर किसका चलता है। चौथे दिन अंतिम समय में न्यूजीलैंड की खिलाड़ी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए उनसे आगे निकल गई।
इसके बाद उन्होंने 16वें होल पर पार बनाया 15 अंडर के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। इसके बाद 17वें होल में न्यूजीलैंड की खिलाड़ी ने बर्डी लगाकर अदिति को पछाड़ दिया। इसके बाद वह चौथे स्थान पर खिसक गईं। फिर अदिति के पास वापसी का कोई मौका नहीं मिला। इस तरह भारत की गोल्फर टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने से चूक गईं।