ओलंपिक स्थगित होने पर बीमा कंपनी से मुआवजा मांग रहा IOC, टोक्यो में अगले साल होंगे कई बदलाव!
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अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) टोक्यो ओलंपिक खेलों के स्थगित होने के कारण मुआवजे से लिए बीमा कंपनी से बात कर रहा है। आईओसी के ओलंपिक खेलों की तैयारी के संचालन निदेशक पियरे डुकरे ने गुरुवार को कहा कि बीमा ब्रोकरों के साथ 'खुली चर्चा' चल रही है।
डुकरे ने कहा कि इस उद्देश्य एक साल और इंतजार करने के कारण खर्चे उठाने में मदद के लिए मुआवजे की सही राशि तय करने का प्रयास करना है। आईओसी ओलंपिक रद्द होने की स्थिति में नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कराता है लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या बीमा पॉलिसी में कोरोना वायरस के कारण खेलों के एक साल तक स्थगित होने पर मुआवजा देने का भी प्रावधान है या नहीं।
आईओसी ने वार्षिक खातों के अनुसार रियो डि जिनेरियो 2016 खेलों के रद्द होने पर नुकसान की भरपाई के लिए एक करोड़ 44 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी ली गई थी। आईओसी ने खेलों के स्थगित होने के कारण पिछले महीने अतिरिक्त खर्चे के लिए 65 करोड़ डॉलर की राशि रखी थी।
अगले साल ओलंपिक में दिखेंगे ये बदलाव!
जापान की जनता अगले साल के लिए स्थगित हो चुके ओलंपिक को लेकर तैयार हो रही है, जहां खिलाड़ियों को पृथकवास में रखा जा सकता है, दर्शकों की संख्या में कटौती होगी और इनके आयोजन में विलंब के कारण जनता के लाखों डॉलर खर्च होंगे।
पिछले कुछ हफ्तों में जापान के बाहर दिए चुनिंदा साक्षात्कार में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाक संकेत दे चुके हैं कि स्टेडियम खाली होंगे, खिलाड़ियों का पृथकवास में रखा जाएगा और कोरोना वायरस परीक्षण होंगे।
टोक्यो की तैयारी को देखने वाले आईओसी के सदस्य जॉन कोएट्स ने ऑस्ट्रेलिया में कुछ हफ्ते पहले कहा था कि टोक्यो ओलंपिक 'वास्तविक समस्याओं' का सामना कर रहा है और इसके पीछे का एक बड़ा कारण इससे जुड़ी संख्या है। इसमें 15400 ओलंपिक और पैरालंपिक हिस्सा लेंगे जबकि स्टाफ, अधिकारी, मीडिया और 80 हजार स्वयंसेवक भी इससे जुड़ेंगे।
अब जापान में राजनेता और सूत्रों की खबरों में बिलकुल अलग और छोटे पैमाने पर ओलंपिक का विचार पेश किया जा रहा है। इसमें अगर प्रशंसकों को स्टेडियम में आने की इजाजत मिली तो इनकी संख्या काफी कम होगी। यही नहीं सभी खिलाड़ियों, प्रशंसकों और स्टाफ का परीक्षण होगा और खेल गांव में पृथकवास जैसी स्थिति होगी।