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Tokyo Olympics : लौरेल हुब्बार्ड ने रचा इतिहास, 'खेल महाकुंभ' में हिस्सा लेने वाली पहली ट्रांसजेंडर एथलीट बनीं

Tue, 03 Aug 2021 06:51 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: मुकेश कुमार झा Updated Tue, 03 Aug 2021 06:51 PM IST
सार

हुब्बार्ड भले पदक नहीं जीत पाईं लेकिन उन्होंने कहा कि टोक्यो में पहली बार खुले तौर पर ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों ने भाग लिया है। मैं बहुत आभारी हूं कि मुझे यहां आने का अवसर मिला।

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Tokyo 2020: New Zealand Laurel Hubbard creates history, becomes first-ever transgender athlete at Olympics
लौरेल हुब्बार्ड - फोटो : social media

विस्तार

खेलों के महाकुंभ में न्यूजीलैंड की लौरेल हुब्बार्ड ने इतिहास रच दिया। 43 साल की वेटलिफ्टर हुब्बार्ड टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली पहली ट्रांसजेंडर एथलीट बनीं। वह +87 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में हिस्सा ली थीं लेकिन पदक जीतने में नाकाम रहीं। हुब्बार्ड भले पदक नहीं जीत पाईं लेकिन उन्होंने कहा कि टोक्यो में पहली बार खुले तौर पर ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों ने भाग लिया है। मैं बहुत आभारी हूं कि मुझे यहां आने का अवसर मिला। बता दें कि वह 15 वर्षों तक खेलों से दूर रही थीं।

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उन्होंने चार साल पहले ही वापसी की है। वह उस उम्र में दमखम दिखाती नजर आईं, जब उनके साथ के ज्यादातर खिलाड़ी भारोत्तोलन को अलविदा कह चुके हैं। उनके वर्ग में हिस्सा लेने वाले एथलीटों की तुलना में वह एक दशक बड़ी थीं। हुब्बार्ड ने कहा कि जो खेल मुझे प्रेरित करता है वह भारोत्तोलन है। यह गेम मुझे आकर्षित करता है। मैं विशेष रूप से आईओसी को आईओसी को धन्यवाद देना चाहता हूं। हुब्बार्ड ने संवाददाताओं से कहा कि मैं ओलंपिक में मेरी भागीदारी से जुड़े विवाद से पूरी तरह अनजान नहीं हूं। 

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महिला वर्ग में शामिल कर अनुचित लाभ देने का आरोप

दरअसल,  हुब्बार्ड को लेकर कई एथलीटों, महिला खेलों और निष्पक्षता के पैरोकारों का कहना है कि उन्हें महिला वर्ग में शामिल कर अनुचित लाभ दिया गया है। आलोचकों का कहना है, वह एक पुरुष के तौर पर बड़ी हुई हैं और इसका उन्हें शारीरिक रूप से फायदा मिलेगा, जिससे सामान्य महिला खिलाड़ियों को को उनकी मौजूदगी से परेशानी होगी। बता दें कि एक दशक पहले खेल छोड़ने से पहले हुब्बार्ड पुरुष वर्ग में हिस्सा लेती रहीं। हुब्बार्ड ने साल 2017 के विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर और ओशिनिया चैम्पियनशिप 2019 में स्वर्ण पदक जीता है।

ओलंपिक समिति ने किया था बचाव

टोक्यो में पहुंचने के बाद से ही न्यूजीलैंड ओलंपिक समिति ने हुब्बार्ड का बचाव किया। समिति कि अध्यक्ष केरिन स्मिथ ने कहा था कि हुब्बार्ड ने एक ट्रांसजेंडर एथलीट के सभी क्वालिफिकेशन पैमानों को पूरा किया है। वह टोक्यो में पदक जीतने का सपना पूरा करना चाहती हैं। वहीं ओलंपिक समिति के चिकित्सा निदेशक रिचर्ड बजेट का कहना है, हुब्बार्ड एक महिला हैं और वह खेल संघ के नियमों के तहत ही हिस्सा ले रही हैं। हमें उनके साहस और दृढ़ता के लिए हौसला अफजाई करनी होगी।

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