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पदक नहीं जीतीं पर मीरा ने जगाया ओलंपिक पोडियम का सपना
Fri, 20 Sep 2019 07:59 AM IST
मुकेश कुमार झा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Fri, 20 Sep 2019 07:59 AM IST
सार
-तीन बार के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट दिमास ने मीरा को दी शाबाशी
-200 किलो का पहली बार लक्ष्य पारकर विश्व चैंपियनशिप में चौथे स्थान पर रहीं
-ओलंपिक टिकट लगभग पक्का घोषणा बाकी
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मीराबाई चानू
- फोटो : social media
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विस्तार
यह पहली बार था जब किसी भारतीय वेटलिफ्टर ने 49 किलो भार वर्ग में 201 किलो का वजन उठाया। बावजूद इसके मीरा के हाथ में विश्व चैंपियनशिप का पदक नहीं आया और वह चौथे स्थान पर रह गईं।
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हालांकि इस प्रदर्शन के जरिए यह लगभग तय हो गया है कि टोकियो ओलंपिक का टिकट उनके हाथ में होगा। बस इसकी आधिकारिक घोषणा बाकी है। फिर भी वह निराश थीं और वार्म एरिया में सिर झुकाकर बैठी थीं तभी पांच फुट आठ इंच का एक गोरा शख्स उनके पास आया और उनसे हाथ मिलाकर उनकी बेहतरीन लिफ्टिंग के लिए उन्हें बधाई दी।
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चीफ कोच विजय शर्मा के गले में हाथ डालकर इस शख्स ने कहा, इसे संभालकर रखना। यह लड़की तुम्हारे देश को ओलंपिक गोल्ड दिला सकती है। यह शख्स कोई और नहीं वेटलिफ्टिंग की दुनिया के बेताज बादशाह ओलंपिक में लगातार तीन स्वर्ण, एक रजत पदक जीतने वाले ग्रीस के पायरोस दिमास थे।
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मीरा और विजय ने अमर उजाला से खुलासा किया कि भले ही उनका पदक नहीं आया हो, लेकिन यह प्रदर्शन शानदार है। फिर दिमास के शब्द किसी पदक से कम नहीं है। विजय के मुताबिक उन्होंने मेडल का लक्ष्य नहीं रखा था। लक्ष्य था किसी तरह 200 किलो भार को पार करना। मीरा ने यह कर दिखाया है।
दिमास समेत दुनिया ने मीरा की लिफ्टिंग देखी। सभी ने कहा कि इस लड़की में और अधिक वजन उठाने की क्षमता है। मीरा ने स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 114 किलो वजन उठाया। दोनों ही प्रदर्शन उनके सर्वश्रेष्ठ हैं। क्लीन एंड जर्क में अगर वह 118 किलो की अंतिम लिफ्ट उठा लेतीं तो कांस्य पदक आ सकता था।
विजय बताते हैं कि मीरा ने आज तक प्रैक्टिस में भी कभी 118 का वजन उठाने की कोशिश नहीं की लेकिन उन्होंने पदक की आस के चलते उन्हें यह वजन दे दिया। उन्होंने बेहद आसानी से इसे जर्क कर कंधे पर रख लिया, लेकिन वह इसे क्लीन नहीं कर पाईं। चीन की जियांग हुईहुआ ने 212 किलो के साथ स्वर्ण और उनकी हमवतन होउ झी हुई ने 211 किलो के साथ रजत जीता। उत्तर कोरिया की सी सांग गुम ने 204 किलो के साथ कांस्य जीता।
विजय खुलासा करते हैं कि ओलंपिक में एक देश की एक ही लिफ्टर एक भार वर्ग में खेल सकती है। ऐसे में चीन की एक ही लिफ्टर 49 किलो में ओलंपिक में रहेगी। इस प्रदर्शन पर मीरा का ओलंपिक पदक पक्का है। फिर भी वह मीरा को 210 किलो वजन के लिए तैयार करेंगे। 45 किलो में झिली डालबेहरा वाशआउट होकर बाहर हो गईं।