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प्रदीप सिंह के डोपिंग मामले में सूचना मिलने पर नमूने लिए: नाडा
Wed, 15 Jul 2020 09:18 PM IST
मुकेश कुमार झा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Wed, 15 Jul 2020 09:18 PM IST
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प्रदीप सिंह
- फोटो : social Media
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राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि भारोत्तोलक प्रदीप सिंह पर नाडा ने निगाह लगाई हुई थी और पिछले साल सूचना मिलने के बाद ही उनके खून के नमूने लिए गए, जिसमें वह डोपिंग परीक्षण में विफल रहे और उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
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राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले सिंह को प्रतिबंधित मानव वृद्धि हार्मोन (एचजीएच) का पॉजिटिव पाया गया था और यह इस तरह का पहला मामला था। उन पर अस्थायी रूप से एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया।
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अग्रवाल ने कहा, 'भारतीय एथलीट द्वारा एचजीएच इस्तेमाल (मूत्र के नमूने में पाये जाने) का ही यह पहला मामला नहीं है बल्कि यह पहली बार है कि खून के नमूने में भी यह पाया गया। हमें सूचना मिली थी कि कुछ खिलाड़ी एचजीएच का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए प्रदीप सिंह उन खिलाड़ियों में शामिल था जिन पर हमने निगाह लगाई (टारगेट टेस्टिंग) हुई थी।'
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सिंह के खून के नमूने पिछले साल दिसंबर में टूर्नामेंट के बाहर पटियाला में शिविर के दौरान लिए गए थे और मार्च में आए ए नमूने का नतीजा एचजीएच का पॉजिटिव आया। लेकिन एजेंसी ने बी नमूने की जांच का इंतजार किया और फिर उनकी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया।
'ब्रिटिश जरनल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन' के अनुसार, 'एथलीट और बॉडीबिल्डर दावा करते हैं कि एचजीएच से वसा कम होती है और मांसपेशियां बढ़ती हैं। अंतरराष्ट्रीय महासंघों और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने 1989 से एचजीएच को निषिद्ध पदार्थों की सूची में डाला हुआ है।'
अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 लॉकडाउन के शुरू होने के बाद से एजेंसी ने कोई खून के नमूने एकत्रित नहीं किये हैं क्योंकि राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला निलंबित है। उन्होंने कहा, 'इस समय हम खून के नमूने एकत्रित नहीं कर रहे हैं क्योंकि यात्रा करना मुश्किल है। इसमें लॉजिस्टिकल मुद्दे हैं।'
अब नमूने विदेशों में विश्व डोपिंग रोधीज एजेंसी से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भी ही भेजे जाते हैं तो अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्राओं पर मौजूदा प्रतिबंध से खून के नमूने एकत्रित करने में बाधा आती है।