फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   sudhir laths father expires on the day his son come with a medal

पिता के गले में डालना था मेडल पर देनी पड़ी मुखाग्नि, गांव में मनाया जाना था जश्न अब पसरा मातम

Tue, 16 Oct 2018 10:52 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 16 Oct 2018 10:52 AM IST
विज्ञापन
sudhir laths father expires on the day his son come with a medal
सुधीर लाठ

पोलियो से ग्रस्त बेटे ने पैरा एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर सोनीपत जिले में पड़ते गांव लाठ का नाम रोशन कर दिया था। सेना से सेवानिवृत हुए पिता राजवीर सिंह का सीना खुशी से चौड़ा हो रखा था। पूरे गांव में जश्न की तैयारी पूरी कर ली गई थीं। 

विज्ञापन


आखिर पॉवरलिफ्टिंग में पदक जीतकर सुधीर लाठ घर जो आ रहे थे। सोमवार की सुबह सात बजे के करीब सुधीर को जकार्ता से दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर उतरना था। पिता और गांव वाले सुधीर की अगवानी के लिए एयरपोर्ट पर जाने की तैयारी कर रहे थे। यहीं पिता राजवीर को पदक विजेता बेटे की अगवानी की खुशी भारी पड़ गई। उन्हें जबरदस्त दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। 
विज्ञापन


सुधीर के साथ जकार्ता गए कोच जेपी सिंह खुलासा करते हैं कि उन्हें गांव में खुली जीप में जश्न के साथ ले जाया जाना था। सुधीर ने भी यही सोच रखा था कि 80 किलो भार वर्ग में जीता गया पदक सीधे पिता के गले में डाल देंगे, लेकिन पदक जीतकर घर पहुंचने की खुशी उनके लिए दुखों का पहाड़ बनकर टूट पड़ी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुधीर को गांव के कुछ लोग जब एयरपोर्ट पर लेने पहुंचे तो उन्हें वहीं पता लगा कि उनके पिता स्वर्ग सिधार गए हैं। फिर क्या था जिस बेटे को पिता के गले में पदक का हार डालना था उसी बेटे को अपने हाथों से गांव में मुखाग्नि देनी पड़ी। जिस गांव में सुधीर के लिए जश्न मनाया जाना था उन्हीं गांववासियों की आंखों उसके पिता के स्वर्ग सिधारने पर नम थीं। 


पिता के लिए जीता था सुधीर ने पदक 

सुधीर खुलासा करते हैं कि उन्हें इस बात की बेहद खुशी थी कि उन्होंने अपने पिता के लिए पदक जीता है। उन्हें तो यही मालूम था कि जब वह पदक लेकर घर पहुंचेंगे तो सबसे ज्यादा खुशी पिता को होगी, लेकिन उन्होंने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि वह अपने पिता को पदक तक नहीं दिखा पाएंगे। सुधीर बताते हैं कि पिता बहुत खुश थे। पूरे गांव को दावत दे रखी गई थी। सारे गांव में होर्डिंग लगाए गए थे, लेकिन ऐसे दुखद समाचार का सामना उन्हें यहां पहुंचने पर करना पड़ेगा, इस पर उन्हें अब तक विश्वास नहीं हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed