आज ही खुल सकता है भारत का ओलंपिक में खाता, जीतू पर पदक की आस
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अगर सब कुछ ठीक रहा तो 31वें ओलंपिक के पहले दिन ही भारत का खाता खुल सकता है। वर्ल्ड चैंपियन जीतू से स्वर्ण पदक की आस है।
सितारों जड़ी भारतीय निशानेबाजी टीम शनिवार को रियो ओलंपिक में अपने अभियान की शुरुआत करेगी। निशानेबाजी में भारत की ओर से 12 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जिनमें पूर्व ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा भी शामिल हैं जिनका यह अंतिम ओलंपिक है और वह निश्चित रूप से अपने सुनहरे करियर को शानदार ढंग से अलविदा कहना चाहेंगे।
शनिवार को पहले दिन पिस्टल किंग जीतू राय से जीत का खाता खोलने की उम्मीद की जा रही है। भारत का इस बार सबसे बड़ा दल ओलंपिक में हिस्सा ले रहा है और उम्मीदों के अनुसार अगर भारत को लंदन ओलंपिक के अपने पिछले बेहतर प्रदर्शन को पीछे छोड़ना है तो निशानेबाजों को एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।
अभिनव बिंद्रा और जीतू राय से बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। इसके अलावा टीम में ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग, मानवजीत सिंह संधू, हीना सिद्धू और अपूर्वी चंदेला का दावा भी दमदार है।
निशानेबाज रेंज के बाहर ज्यादा बोलने में विश्वास नहीं रखते। उन्हें खेल से इतर सुर्खियों से दूर रहना पसंद है। 15 दिन पहले बिंद्रा ने ट्वीट किया था कि वह अपने पांचवें और आखिरी ओलंपिक के खत्म होने तक किसी के संपर्क में नहीं रहेंगे।
बिंद्रा के बाद भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाने के दावेदार सेना के निशानेबाज जीतू शनिवार को 10 मीटर एयर पिस्टल में उतरेंगे। वह 50 मीटर पिस्टल में विश्व चैंपियन हैं। दोनों ही स्पर्धाओं में पदक के प्रबल दावेदार हैं। एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप सभी में पदक जीत चुके हैं।
जीतू के अलावा अपूर्वी चंदेला भी झटक सकती हैं पदक
पहले दिन दस मीटर एयर पिस्टल में जीतू राय के अलावा गुरप्रीत उतरेंगे। जबकि महिला वर्ग में दस मीटर एयर राइफल में अपूर्वी चंदेला और अयोनिका पाल (फोटो) भी चुनौती पेश करेंगी जो ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीत चुकी हैं।
अपूर्वी ने बिंद्रा के 2008 में जीते ओलंपिक स्वर्ण पदक के बाद निशानेबाजी शुरू की और अब अपने रोल मॉडल के साथ ओलंपिक में पदक की दावेदारी में हैं। भारत की ओर से तीसरी महिला निशानेबाज हीना सिद्धू हैं और वह ऐसी पहली भारतीय महिला पिस्टल शूटर हैं जो 2014 में विश्व रैंकिंग में नंबर एक तक पहुंची और उसी साल विश्व कप में रजत पदक भी जीता।
लंदन ओलंपिक में वह दस मीटर पिस्टल के फाइनल में पहुंचने से रह गईं थीं लेकिन इस बार वह बेहतर तैयारियों के साथ रियो पहुंची हैं।