इस साल टॉप 20 में जगह बनाना चाहता हूं: शरत कमल
भारत के स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल ने गुरुवार को कहा कि उनका लक्ष्य 2019 में शीर्ष 20 में जगह बनाने का है और उनके दिमाग में अगली बड़ी चीज 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है।
शरत ने कहा कि पिछले साल इंडोनेशिया में एशियाई खेलों में भारत ने टेबल टेनिस में जो दो कांस्य पदक जीते उससे उनमें यह आत्मविश्वास जगा है कि 2020 ओलंपिक में पदक जीता जा सकता है। पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन कमलेश मेहता की मौजूदगी में 26 साल के शरत ने कहा, 'निजी तौर पर, 2019 में मेरा लक्ष्य है कि विश्व रैंकिंग में शीर्ष 20 में जगह बनाऊं और 2020 ओलंपिक खेल अगली बड़ी चीज है।'
उन्होंने कहा, 'योजनाओं का बड़ा हिस्सा टोक्यो ओलंपिक खेल 2020 है, विशेषकर एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद- हमने 60 साल में दो कांस्य पदक जीते। इन पदकों ने हमें काफी आत्मविश्वास दिया कि ओलंपिक में भी यह (पदक जीतना) संभावना है।'
रिकॉर्ड नौ बार राष्ट्रीय पुरुष एकल खिताब जीतने वाले शरत ने कहा, 'एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है और ओलंपिक में भी अधिकांश यही टीमें खेलेगी, इसके अलावा कुछ यूरोपीय टीमें होंगी। अगर हम एशियाई खेलों में पदक जीत सकते हैं तो ओलंपिक खेलो में पदक काफी दूर नहीं है।'
शरत की अगुआई में भारत की पुरुष टीम ने एशियाई खेलों में जापान की मजबूत टीम को हराकर उलटफेर करते हुए कांस्य पदक हासिल किया जिससे टेबल टेनिस में पदक का भारत का 60 साल का इंतजार खत्म हुआ।
शरत और उभरती हुई स्टार मनिका बत्रा ने मिश्रित युगल में भी हैरान करते हुए कांस्य पदक जीता जिससे ओलंपिक पदक की उम्मीद बंधी है। चेन्नई में जन्में शरत ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए तैयारी शुरू हो चुकी है।
मिश्रित युगल में ओलंपिक पदक जीता जा सकता है: शरत
स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल का मानना है 2020 टोक्यो ओलंपिक की मिश्रित युगल स्पर्धा के लिए क्वालीफाई करना मुश्किल है लेकिन अगर जगह पक्की कर ली गई तो पदक जीतना संभव है।
शरत ने पिछले साल एशियाई खेलों में मनिका बत्रा के साथ मिलकर मिश्रित युगल में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता था। टोक्यो खेलों में पहली बार मिश्रित युगल को ओलंपिक का हिस्सा बनाया गया है।
शरत ने कहा, 'मुझे लगता है कि पदक (ओलंपिक पदक) जीतने के लिए मिश्रित युगल हमारा सबसे बड़ा मौका है। पहले मैंने और मनिका ने एशियाई खेलों में अच्छा किया। मुझे लगता है कि ओलंपिक खेलों से मुश्किल इन खेलों की क्वालीफाइंग प्रक्रिया है।'
उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि ओलंपिक में सिर्फ 16 टीमें हैं इसलिए आप प्री क्वार्टर फाइनल से शुरुआत करेंगे। अगर आप तीन मैच जीतते हो तो पदक जीत जाओगे लेकिन वहां तक पहुंचने की राह अधिक मुश्किल है।' इनपुट-भाषा