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प्रैक्टिस पर साई के बंधे हाथ, एनआईएस में एथलीटों की ट्रेनिंग की मांग पर और सख्ती
Thu, 02 Apr 2020 08:36 AM IST
Rohit Ojha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rohit Ojha
Updated Thu, 02 Apr 2020 08:36 AM IST
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भारतीय खेल प्राधिकरण
- फोटो : social Media
एनआईएस पटियाला में ओलंपिक की तैयारियों के लिए कैंप में शामिल एथलीटों की ओर से साई पर कैंपस में ट्रेनिंग की छूट दिए जाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। लेकिन साई ने इस पर न सिर्फ हाथ खड़े कर दिए हैं बल्कि बुधवार को कैंप में शामिल एथलीटों पर और ज्यादा सख्ती कर दी गई।
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एथलेटिक्स के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर (एचपीडी) लॉकडाउन के बाद से ही एनआईएस अधिकारियों से एथलीटों को ट्रेनिंग में छूट देने की मांग कर रहे हैं। उनका साथ सभी एथलीट और कोच दे रहे हैं। लेकिन एनआईएस ने भी साफ कर दिया है डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लगे होने की वजह से ऐसा संभव नहीं है।
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बाहर निकले तो होगी कार्रवाई
एनआईएस में स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब अधिकारियों ने कैंप में मौजूद खिलाड़ियों के कमरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। एनआईएस में निगरानी के लिए टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें समय-समय पर चेकिंग करती हैं कि कोई खिलाड़ी या यहां रहने वाला सड़कों पर तो नहीं निकला है। कमरों से निकलने की स्थिति में खिलाड़ी और कोच के पकड़े जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई तक की बात कही गई है।
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बढ़ेगा मानसिक दबाव
एचपीडी हरमन वॉकर ने अधिकारियों को कहा है कि एथलीट लंबे समय से कैंप में हैं। वे बाहर भी नहीं गए हैं। ऐसे में वे ग्रुप में दूरी बनाकर ग्राउंड पर टुकड़ो में ट्रेनिंग कर सकते हैं। कोच और एचपीडी यहां तक कह रहे हैं कि अगर एथलीट लंबे समय तक कमरों में कैद रहे तो उन पर मानसिक दबाव बढ़ेगा। वहीं साई के एक अधिकारी का कहना है कि लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। किसी भी अनहोनी की स्थिति में जिम्मेदारी उनकी होगी।
कैंप में शामिल खिलाड़ियों को अधिक से अधिक प्रोटीन देने के लिए मांसाहार के रूप में चिकन दिया जाता है। सूत्र बताते हैं कि बुधवार को कैंपरों को चिकन नहीं परोसे जाने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर एथलीटों ने काफी हंगामा किया है। उनका कहना है कि प्रोटीन के रूप में इस वक्त उन्हें चिकन ही मिल रहा है। ऐसे में उसका बंद किया जाना गलत होगा।
हिमा भी कर चुकी हैं मांग : शिविर में फर्राटा धाविका हिमा दास भी हैं। वह और अन्य खिलाड़ी पहले ही खेल मंत्री से परिसर के अंदर आउटडोर प्रशिक्षण की अनुमति देने के लिए एक पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने लिखा है कि उन्हें दिन में एक या दो घंटे अलग-अलग समय में छोटे समूहों में अभ्यास करने की अनुमति दी जाए ताकि वे सामाजिक दूरी का पालन करते हुए अभ्यास कर सकें।