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दीपा को रियो में पदक से रोकने वाली बाइल्स भी हुई हैं डोप में फेल!
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Sep 2016 08:39 PM IST
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सिमोन बाइल्स
- फोटो : getty
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रियो ओलंपिक में भारतीय जिमनास्ट दीपा कर्माकर चौथे स्थान पर रहकर पदक जीतने से चूक गई थीं। सबसे आखिर में नंबर आया था अमेरिकी जिमनास्ट सिमोन बाइल्स का जिसने शानदार प्रदर्शन कर गोल्ड जीत लिया और इस कारण दीपा जो उस समय तक पदक के लिए शीर्ष 3 में चल रही थी चौथे नंबर पर खिसक गईं और पदक से दूर हो गईं।
बाइल्स ने दीपा से न सिर्फ गोल्ड मेडल जीतने के सपने को चकनाचूर किया बल्कि पदक की होड़ से भी बाहर कर दिया था। लेकिन अब खबर आ रही है कि सिमोन बाइल्स सहित अमेरिका के चार अन्य एथलीट्स को वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने डोपिंग का लाइसेंस दिया था।
रूसी हैकिंग समूह का दावा है कि अमेरिकी खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन डोप में फेल होने के बावजूद ओलंपिक में खेलने का मौका दिया गया जिसमें सिमोन बाइल्स भी शामिल थी। बाइल्स के कारण ही दीपा पदक जीतकर इतिहास नहीं रच सकी थीं।
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रूसी हैकिंग समूह ने दावा किया है कि उसने वाडा के डेटाबेस से जानकारियों की चोरी की है, जिससे खुलासा हुआ कि वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने रियो ओलंपिक में चार स्वर्ण पदक जीतने वाली जिमनास्ट सिमोन बाइल्स, अमेरिकी टेनिस स्टार सेरेना और उनकी बहन वीनस विलियम्स को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन की छूट दी गई थी। इसका मतलब इन खिलाड़ियों को डोपिंग का लाइसेंस प्राप्त था।
समाचार एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक हैकिंग साइट ने दावा किया है कि विश्व की पूर्व नंबर वन महिला टेनिस स्टार सेरेना को 2010, 2014 और 2015 में आक्सीकोडोन, हाइड्रोमोफरेन, प्रेडनीसोन और मिथाइलप्रेडनिसोलोन के सेवन की इजाजत थी।
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बाइल्स ने दीपा से न सिर्फ गोल्ड मेडल जीतने के सपने को चकनाचूर किया बल्कि पदक की होड़ से भी बाहर कर दिया था। लेकिन अब खबर आ रही है कि सिमोन बाइल्स सहित अमेरिका के चार अन्य एथलीट्स को वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने डोपिंग का लाइसेंस दिया था।
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रूसी हैकिंग समूह का दावा है कि अमेरिकी खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन डोप में फेल होने के बावजूद ओलंपिक में खेलने का मौका दिया गया जिसमें सिमोन बाइल्स भी शामिल थी। बाइल्स के कारण ही दीपा पदक जीतकर इतिहास नहीं रच सकी थीं।
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रूसी हैकिंग समूह ने दावा किया है कि उसने वाडा के डेटाबेस से जानकारियों की चोरी की है, जिससे खुलासा हुआ कि वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने रियो ओलंपिक में चार स्वर्ण पदक जीतने वाली जिमनास्ट सिमोन बाइल्स, अमेरिकी टेनिस स्टार सेरेना और उनकी बहन वीनस विलियम्स को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन की छूट दी गई थी। इसका मतलब इन खिलाड़ियों को डोपिंग का लाइसेंस प्राप्त था।
समाचार एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक हैकिंग साइट ने दावा किया है कि विश्व की पूर्व नंबर वन महिला टेनिस स्टार सेरेना को 2010, 2014 और 2015 में आक्सीकोडोन, हाइड्रोमोफरेन, प्रेडनीसोन और मिथाइलप्रेडनिसोलोन के सेवन की इजाजत थी।
वीनस ने भी किया था प्रतिबंधित दवाओं का सेवन
वीनल विलियम्स
- फोटो : getty
रूसी साइट ने यह भी दावा किया है कि ओलंपिक से पहले जिमनास्ट सिमोन बाइल्स तो एक बार डोप टेस्ट में नाकाम हुई थीं लेकिन इसके बाद भी उन्हें अयोग्य नहीं करार दिया गया।
इस साल अगस्त में बाइल्स को मेथिलफेंडिनेट के सेवन का दोषी पाया गया था, लेकिन वह अयोग्य नहीं करार दी गईं। साल 2013 और 2014 में उन्हें डेक्ट्रोएम्फेटामीन के सेवन की इजाजत थी। यही नहीं, 10 बार की विश्व स्वर्ण पदक विजेता बाइल्स को अगस्त 2016 में डोप टेस्ट में नाकाम पाया गया था।
इसके अलावा साइट ने दावा किया है कि अमेरिकी बास्केटबॉल स्टार एलेना डेले डोने के ड्रग टेस्ट से पता चला कि उन्होंने भी एम्फेटेमाइन का सेवन किया था। इसके अतिरिक्त 2014 में वह हाइड्रोकार्टिसोन के सेवन की दोषी पाई गई थीं, जो कि एक प्रतिबंधित दवा है।
वहीं टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स की बड़ी बहन वीनस को 2010, 2012 और 2013 में प्रेडनिसोन, प्रेडनिसोलोन और ट्रायेमसिलोन जैसे दवाओं के सेवन की इजाजत थी।
इस साल अगस्त में बाइल्स को मेथिलफेंडिनेट के सेवन का दोषी पाया गया था, लेकिन वह अयोग्य नहीं करार दी गईं। साल 2013 और 2014 में उन्हें डेक्ट्रोएम्फेटामीन के सेवन की इजाजत थी। यही नहीं, 10 बार की विश्व स्वर्ण पदक विजेता बाइल्स को अगस्त 2016 में डोप टेस्ट में नाकाम पाया गया था।
इसके अलावा साइट ने दावा किया है कि अमेरिकी बास्केटबॉल स्टार एलेना डेले डोने के ड्रग टेस्ट से पता चला कि उन्होंने भी एम्फेटेमाइन का सेवन किया था। इसके अतिरिक्त 2014 में वह हाइड्रोकार्टिसोन के सेवन की दोषी पाई गई थीं, जो कि एक प्रतिबंधित दवा है।
वहीं टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स की बड़ी बहन वीनस को 2010, 2012 और 2013 में प्रेडनिसोन, प्रेडनिसोलोन और ट्रायेमसिलोन जैसे दवाओं के सेवन की इजाजत थी।
डोपिंग के कारण रूसी टीम पर बैन लगने के बाद से सक्रिय थे रूसी हैकर
Rio 2016
- फोटो : Getty
इसी डोपिंग के कारण पूरी रूसी टीम रियो में हिस्सा नहीं ले सकी और इसी के बाद रूसी हैकिंग टीम वाडा की वेबसाइट में सेंध लगाने के प्रयास में जुटी थी।
कुछ समय पहले वाडा ने इसका खुलासा भी किया था कि रूसी हैकर उसकी साइट में सेंध लगाने के प्रयास में हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोल ने संवाददाताओं को बताया, "यह निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि इस मामले में रूस, यहां की सरकार और कोई भी रूसी सेवा शामिल नहीं है।"
वाडा ने एक ऑनलाइन बयान में साइबर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि इस हैकिंग के पीछे रूसी साइबर जासूसी समूह का हाथ है और इसे 'गैरकानूनी' तरीके से अंजाम दिया गया।
हैकर टीम ने अपनी वेबसाइट पर कहा, "यह एक अन्य सबूत है कि वाडा और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) का मेडिकल तथा वैज्ञानिक विभाग भ्रष्ट और बेईमान है।"
कुछ समय पहले वाडा ने इसका खुलासा भी किया था कि रूसी हैकर उसकी साइट में सेंध लगाने के प्रयास में हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोल ने संवाददाताओं को बताया, "यह निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि इस मामले में रूस, यहां की सरकार और कोई भी रूसी सेवा शामिल नहीं है।"
वाडा ने एक ऑनलाइन बयान में साइबर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि इस हैकिंग के पीछे रूसी साइबर जासूसी समूह का हाथ है और इसे 'गैरकानूनी' तरीके से अंजाम दिया गया।
हैकर टीम ने अपनी वेबसाइट पर कहा, "यह एक अन्य सबूत है कि वाडा और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) का मेडिकल तथा वैज्ञानिक विभाग भ्रष्ट और बेईमान है।"