{"_id":"578df45d4f1c1b1f7fc4b4ce","slug":"russia-may-be-banned-from-rio-olympics","type":"story","status":"publish","title_hn":"रियो में रूस की पूरी टीम पर लग सकता है बैन","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
रियो में रूस की पूरी टीम पर लग सकता है बैन
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 19 Jul 2016 03:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने 2016 रियों ओलंपिक में रूस की भागीदारी के लिए आपातकाल बैठक बुलाई है। इस बैठक में विश्व डोपिंग निरोधक एजेंसी (वाडा) की रूस को आगामी ओलंपिक खेलों से बाहर करने की मांग पर फैसला किया जाएगा।
वाडा ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि 2014 सोच्चि के शीतकालीन खेल समेत कई प्रतियोगिताओं में प्रशासन द्वारा डोपिंग संचालित की जाती थी। इस खुलासे के बाद से ही वाडा ने रूस के तमाम खिलाड़ियों और अधिकारियों को अगले महीने होने वाले ओलंपिक खेलों से बाहर रखने की मांग की है। अपने इस खुलासे को आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बैच ने ‘ओलंपिक खेलों की गरिमा पर गंभीर आघात’ करार दिया है।
वाडा ने अपनी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि आईओसी और अंतरराष्ट्रीय पैराओलंपिक कमेटी को रूस द्वारा भेजे गए सभी आवेदन खारिज कर देने चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि रूस का निराशाजनक प्रदर्शन 2010 के वैनकॉवर शीतकालीन खेलों से शुरू हुआ और 2015 के सोच्चि खेलों तक चला।
विज्ञापन
रूस ने डोपिंग में सरकार का हाथ होने की बात को खारिज किया है। हालांकि आईएएएफ ने रूस को पहले से ही अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक खेलों से बैन कर रखा है। रूस में प्रशासन द्वार डोपिंग की खबर सामने के बाद से ही आईओसी पर दबाव बढ़ रहा है।
विज्ञापन
वाडा ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि 2014 सोच्चि के शीतकालीन खेल समेत कई प्रतियोगिताओं में प्रशासन द्वारा डोपिंग संचालित की जाती थी। इस खुलासे के बाद से ही वाडा ने रूस के तमाम खिलाड़ियों और अधिकारियों को अगले महीने होने वाले ओलंपिक खेलों से बाहर रखने की मांग की है। अपने इस खुलासे को आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बैच ने ‘ओलंपिक खेलों की गरिमा पर गंभीर आघात’ करार दिया है।
विज्ञापन
वाडा ने अपनी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि आईओसी और अंतरराष्ट्रीय पैराओलंपिक कमेटी को रूस द्वारा भेजे गए सभी आवेदन खारिज कर देने चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि रूस का निराशाजनक प्रदर्शन 2010 के वैनकॉवर शीतकालीन खेलों से शुरू हुआ और 2015 के सोच्चि खेलों तक चला।
विज्ञापन
रूस ने डोपिंग में सरकार का हाथ होने की बात को खारिज किया है। हालांकि आईएएएफ ने रूस को पहले से ही अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक खेलों से बैन कर रखा है। रूस में प्रशासन द्वार डोपिंग की खबर सामने के बाद से ही आईओसी पर दबाव बढ़ रहा है।