राज्यवर्धन के राज में हर खिलाड़ी होगा VIP, उन्हें सुविधा-सम्मान दिलाना होगा पहला लक्ष्य
इसे समय का चक्र नहीं तो और क्या कहेंगे। राज्यवर्धन राठौड़ के लिए शास्त्री भवन का कमरा नंबर 401 सी कोई नई जगह नहीं है। बतौर खिलाड़ी वह इस कमरे में एक नहीं अनेकों बार आए हैं। सोमवार को वह एक बार फिर इस कमरे में थे, लेकिन इस बार उनकी हैसियत एक शूटर की नहीं बल्कि खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ की थी। तभी तो पदभार ग्रहण करते ही उनके मुंह से निकला कि उनका इस बिल्डिंग में सफर रिसेप्शन से शुरू हुआ है। उन्हें मालूम है कि एक खिलाड़ी को यहां आने के लिए कितनी औपचारिकताएं निभानी पड़ती हैं। यही कारण है कि उनके कार्यकाल में खेल मंत्रालय का पहला लक्ष्य खिलाड़ी की सुविधा और सम्मान होगा। राज्यवर्धन ने यह भी साफ किया कि मंत्रालय के अधिकारियों को अपना रवैया बदलना होगा। इस मंत्रालय में अगर कोई वीआईपी होगा तो वह सिर्फ खिलाड़ी होगा।
एथेंस ओलंपिक में डबल ट्रैप का रजत जीतने वाले राज्यवर्धन ने रिसेप्शन का जिक्र छेड़ यह बताने की कोशिश की कि एक खिलाड़ी खेल मंत्री होने के नाते खिलाड़ियों का दर्द वह अच्छी तरह जानते हैं। तभी उन्होंने कहा कि उनके समय में भी खिलाड़ियों को सम्मान की भूख थी और सुविधाओं की कमी थी। आज भी लगभग यही स्थिति है। इसी के चलते वह खिलाड़ियों की सुविधा और सम्मान में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों की ओर इशारा किया कि ऐसा नहीं कि मंत्रालय में काम करने वाले ईमानदार अधिकारी नहीं है। उन्हें ऐसे ही अच्छे अधिकारियों का साथ चाहिए है। उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए यह साफ किया कि खिलाड़ियों के मंत्रालय 24 घंटे काम करता रहेगा।
सीडब्लूजी, एशियन गेम्स की तैयारियों का मांगा जाएजा
पदभार ग्रहण करते ही राज्यवर्धन ने मंत्रालय के सभी अधिकारियों की बैठक बुलाई। खेल सचिव इंजेती श्रीनिवास ने उन्हें मंत्रालय की गतिविधियों और वर्तमान में चल रहे कार्यों से अवगत कराया। बैठक के दौरान राज्यवर्धन के एजेंडे में अगले वर्ष होने वाले कॉमनवेल्थ खेल, एशियाई खेल, टास्क फोर्स की रिपोर्ट और नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट बिल रहा। नए खेल मंत्री ने मंत्रालय के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि एशियाई और कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों के लिए क्या किया गया है इसकी उन्होंने जानकारी दी जाए। साथ ही टास्क फोर्स की सिफारिशें और रिपोर्ट उपलब्ध कराने को उन्होंने कहा। राज्यवर्धन ने स्पोर्ट्स बिल पर अधिकारियों को अलग से ब्रीफिंग करने के निर्देश दिए।