विकास को पेशेवर बॉक्सिंग ने दिखाई कम वजन की राह
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ओलंपिक पदक के सपने को पूरा करने के लिए बॉक्सर विकास कृष्ण ने पेशेवर बॉक्सिंग को भले छोड़ दिया हो, लेकिन यहां कराई गई ट्रेनिंग ने इस बॉक्सर की सबसे बड़ी दिक्कत पर जीत जरूर दिला दी है। विकास ने जब 2010 के गुआंग झू एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता तब वह 60 किलो खेलते थे। उस दौरान उन्हें अपने बढ़ते वजन ने चिंता में डाल रखा था। ज्यादातर खिलाड़ी एक भार वर्ग की जंप लेते हैं, लेकिन विकास को 60 से 69 किलो में आना पड़ा। यही नहीं कुछ सालों बाद उन्हें 75 किलो का रुख करना पड़ा, लेकिन पेशेवर बॉक्सिंग के दौरान कराई गई कड़ी ट्रेनिंग ने विकास को वजन कम कर एक बार फिर 69 किलो में वापसी की राह दिखाई। विकास अगले माह इसी वजन में ओलंपिक क्वालिफायर खेलने जा रहे हैं।
69 किलो में खेलने का मिलेगा फायदा
विकास अमर उजाला से साफ करते हैं कि बढ़ता वजन उनके लिए हमेशा से मुश्किल रहा है, लेकिन पेशेवर बॉक्सिंग के दौरान गैर पेशेवर के मुकाबले दोगुनी ट्रेनिंग और फिटनेस पर काम करना होता था। यही वजह है कि उन्होंने वजन कम कर 69 किलो में खेलने का फैसला लिया। इसका उन्हें फायदा मिलेगा। 75 किलो में कंपटीशन कठिन है। उन्हें इस वजन में खेलने का फायदा उनके मुक्के में ताकत की वजह से मिलेगा।
तीसरा ओलंपिक टिकट हासिल करने का भरोसा
लंदन और रियो के बाद टोकियो ओलंपिक का टिकट हासिल करने के लिए विकास बेल्लारी में इस वक्त इटली और ऑस्ट्रेलियाई टीमों के बॉक्सरों के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। ये टीमें ओलंपिक क्वालिफायर की तैयारियों के लिए यहां आई हैं। विकास का कहना है कि उन्हें लगता है कि वह इस बार भी ओलंपिक टिकट हासिल कर लेंगे। विकास रियो ओलंव्पिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे।
टॉप्स में हैं पर नहीं ली कोई मदद
अनुभव से विकास ने काफी कुछ सीखा है। रियो ओलंपिक से पहले इस बॉक्सर ने टॉप्स के जरिए पेशेवर बॉक्सरों को पैसा देकर ट्रेनिंग की थी। यही नहीं एनआईएस पटियाला में उन्होंने नामी पेशेवर कोच विली मोजेज की सलाह पर विभिन्न भार वर्गों के अपने से लंबे और छोटे कद के बॉक्सरों के साथ ट्रेनिंग की थी, लेकिन इस बार विकास ने क्वालिफायर की तैयारियों के लिए किसी तरह का प्रयोग नहीं किया है। उनका कहना है कि उन्हें अभी टॉप्स से मदद लेने की जरूरत महसूस नहीं हुई है। प्रयोगों की बजाय वह कैंप में शामिल बॉक्सरों के साथ ही तैयारियां कर रहे हैं।
हेमंत रस्तोगी