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मिट्टी के ट्रैक पर एशियाई चैंपियनशिप की तैयारियां
Tue, 09 Apr 2019 11:07 PM IST
Mukesh Jha
हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
Published by: Mukesh Jha
Updated Tue, 09 Apr 2019 11:07 PM IST
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जिंसन जॉनसन
एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जिंसन जानसन, मंजीत सिंह और सुधा सिंह जैसे एथलीट वर्ल्ड चैंपियनशिप क्वालिफाइंग एशियाई चैंपियनशिप की तैयारियां सिंथेटिक की बजाय मिट्टी, राख (सिंडर) के ट्रैक पर कर रहे हैं।
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एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से दोहा में 21 अप्रैल से होने वाली इस चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए लंबी और मध्यम दूरी के धावकों का कैंप ऊटी में लगाया गया है, जिसमें 30 राष्ट्रीय एथलीट शामिल हैं। इनमें तीन हजार मीटर स्टीपलचेज के राष्ट्रीय कीर्तिमानधारी अविनाश साबले समेत 12 एथलीटों का चयन एशियाई चैंपियनशिप के लिए हुआ है, लेकिन तमिलनाडु सरकार ने ऊटी में मौजूद नवनिर्मित सिंथेटिक ट्रैक पर एथलीटों को ट्रेनिंग करने से मना कर दिया।
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लंबी दूरी के धावकों केलिए हाईएल्टीट्यूड ट्रेनिंग जरूरी होती है। इसी को ध्यान में रख कैंप ऊंचाई पर स्थित ऊटी में लगाया गया, लेकिन किसी भी कंपटीशन से पहले इन धावकों को स्पीड ट्रेनिंग क़े लिए सिंथेटिक ट्रैक की जरूरत थी।
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ऊटी में तमिलनाडु सरकार की ओर से सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण कराया गया है। फेडरेशन को उम्मीद थी कि उन्हें यह ट्रैक मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिसका खामियाजा एथलीटों को भुगतना पड़ रहा है। एथलीटों का मानना है कि उन्हें तैयारियों के लिए इस वक्त सिंथेटिक ट्रैक की सख्त जरूरत थी।
ट्रैक पर ट्रेनिंग करने से रोका गया
एथलीटों ने एक दिन सिंथेटिक ट्रैक पर ट्रेनिंग करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें वहां से पुलिस बुलाने की धमकी देकर निकाल दिया गया। सूत्र बताते हैं कि खेल मंत्रालय की ओर से भी तमिलनाडु सरकार को मनाने की कोशिश की गई, लेकिन ट्रैक का उद्घाटन नहीं होने का हवाला देकर मना कर दिया गया।
खास बात यह है कि इन एथलीटों को ऊटी से बुलाकर बंगलूरू जैसे सेंटर में तैयारियों के लिए भी नहीं कहा गया। 12 में से पांच एथलीटों (सुधा सिंह, पारुल चौधरी, मुरली गावित, गोमती, अभिषेक पाल) को 13 अप्रैल को पटियाला में ट्रायल देने हैं।
इनमें से कुछ कैंप में शामिल नहीं हुए थे जिसके चलते उन्हें ट्रायल देने को कहा गया है। विशेषज्ञ हाईएल्टीट्यूड से पटियाला के गर्मी के मौसम में ट्रायल को भी जायज नहीं ठहरा रहे हैं। फेडरेशन के एक उच्चाधिकारी का कहना है कि साई के हाईएल्टीट्यूड शिलारू सेंटर में सिंथेटिक ट्रैक नहीं होने की वजह से दिक्कत आ रही है। अगर वहां ट्रैक हो तो ऊटी जाने की जरूरत ही नहीं पड़े।