कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की उम्मीदों को लगा बड़ा झटका, खेल मंत्री राठौर को संभालना पड़ा मोर्चा
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गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेलों में भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन की सहमति से आयोजकों ने भारत का अगले वर्ष होने वाले इन खेलों में साल 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों के मुकाबले कोटा घटा दिया है।
खासतौर पर कोटा शूटिंग, कुश्ती, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा स्पोर्ट्स जैसे उन खेलों में घटाया गया है, जिनमें भारत स्वर्ण पदक का दावेदार है। इन खेलों के खेल संघों ने खेल मंत्रालय, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के आवाज उठाई है कि उनका कोटा बढ़वाया जाए।
नतीजन खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने सीजीएफ अध्यक्ष लुइस मार्टिन को पत्र लिख भारत का कोटा बढ़ाने को कहा है। हालांकि आईओए से सीजीएफ ने साफ कर दिया है कि कोटा नहीं बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद खेल मंत्री ने इस मुद्दे पर खुद मोर्चा संभाला है।
स्थिति की गंभीरता देख मंत्रालय ने कोटा घटाने वाले खेल संघों से अपने अंतरराष्ट्रीय संघों के जरिए आयोजकों, सीजीएफ पर दबाव बनाने को कहा है। खेल संघों का कहना है कि अगर कोटा नहीं बढ़ा तो गोल्ड कोस्ट में भारत पदक तालिका में ग्लासगो में पांचवें स्थान के मुकाबले और नीचे जा सकता है।
भारत के अधिकतम 219 खिलाड़ी ही ले पाएंगे भाग
आयोजकों ने भारत के लिए अधिकतम 219 खिलाड़ियों का कोटा निर्धारित किया है। इनमें भी 84 खिलाड़ियों को क्वालीफाई करके खेलना है, जबकि 135 की सीधे एंट्री है।
ग्लासगो में भारतीय टीम का कोटा 258 खिलाड़ियों का था। तब भारत 15 स्वर्ण समेत कुल 64 पदक जीतकर पांचवें स्थान पर रहा था। दिल्ली कॉमनवेल्थ में मेजबान होने के नाते भारत के 619 खिलाड़ी खेले थे।
तब भारत 101 पदक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ग्लासगो में 30 भारतीय शूटर गए थे, इस बार 26 का कोटा दिया गया है। इसी तरह बॉक्सिंग में 10 पुरुष और तीन महिलाओं के मुकाबले सात पुरुष और तीन महिला बॉक्सरों को मंजूरी मिली है।
एथलेटिक्स में 32 के मुकाबले 30 का ही कोटा है, जबकि कुश्ती में 14 के मुकाबले 12 पहलवानों का कोटा है। खेल मंत्री ने 40 खिलाड़ियों का कोटा बढ़ाने की अपील की है। खेल संघों का कहना है कि क्वालीफाई करके भारत के84 खिलाड़ियों के खेलने की उम्मीद नहीं है। यहां से बचा कोटा दूसरे खेलों को दिया जाए।
एथलेटिक्स में 57 एथलीटों की भेजी एंट्री
एथलेटिक्स, शूटिंग में ज्यादा दिक्कत है। यहां क्वालीफाई करके खेलने वाले खिलाड़ी ज्यादा हैं और कोटा कम है। एएफआई ने तो प्रारंभिक एंट्री 57 एथलीटों की भेज दी है। आईओए महासचिव राजीव मेहता का कहना है कि उन्होंने पत्र लिखा था जिसका नकारात्मक जवाब मिला है। फिर भी कोशिशें जारी हैं।