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खेलो इंडिया खेलों में डोप का साया, 9 फंसे

Tue, 19 Mar 2019 10:44 PM IST
Mukesh Jha हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Mukesh Jha Updated Tue, 19 Mar 2019 10:44 PM IST
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nine Khelo India khelo youth athletes to be caught dope tests
dope test - फोटो : file photo

सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम खेलो इंडिया खेलों पर डोपिंग की मार बुरी तरह पड़ी है। इस साल जनवरी में हुए इन खेलों में डोप में फंसने वाले युवा खिलाड़ियों की संख्या नौ पहुंच गई है। चिंता की बात यह है कि खेलो इंडिया खेलों में इस बार जहां पेप्टाइड हारमोन जैसे दुर्लभ शक्तिवर्धक एजेंट का प्रयोग सामने आया है।

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पेप्टाइड हारमोन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाईप्रोफाइल डोपिंग के इस्तेमाल के मामले सामने आते हैं। इस बार एनडीटीएल की टेस्टिंग में खेलों इंडिया खेलों की पदक विजेता युवा वेटलिफ्टिर इसके प्रयोग के लिए डोप में फंसी है। इन खेलों में एक जुडोका को बीटा टू एगोनिस्ट और एक तैराक को एनाबॉलिंग स्टेरायड के प्रयोग के लिए पकड़ा गया है।
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नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि इन खेलों में कुल 476 सैंपल नाडा ने लिए थे। इसमें से 466 के परिणाम आ चुके हैं। इनमें नौ पॉजिटिव पाए गए हैं। दस का परिणाम अभी आना बाकी है। इससे पहले एक तीरंदाज, तीन पहलवान, एक-एक वेटलिफ्टर और एथलीट फंस चुके हैं।
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यूपी का नेशनल चैंपियन शूटर भी डोप में फंसा 
डोपिंग के साये से दूर रहने वाला खेल शूटिंग भी डोपिंग के दलदल में फंस गया है। बीते वर्ष अक्तूबर में हुए भारतीय टीम के चयन ट्रायल में उत्तर प्रदेश के सीनियर और जूनियर नेशनल चैंपियन पवन यादव का सैंपल नाडा ने लिया था।

वह बीटा ब्लाकर प्रोप्रेनोलॉल के लिए डोप में फंसे हैं। तीन शूटर आज तक डोप में फंसे हैं। दो को नाडा ने एक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईएसएसएफ ने डोपिंग का दोषी पाया था। प्रोप्रेनोलॉल के वाडा की स्पेसीफाइड सूची में होने के कारण पवन पर अस्थाई प्रतिबंध नहीं लगा था, लेकिन उन्होंने खुद अपने पर यह प्रतिबंध लगवाया। साथ ही पूर्व प्रभावी तरीके से थेराप्यूटिक यूज एक्जंप्शन (टीयूई) के लिए भी आवेदन कर दिया।


पवन ने नाडा से कहा है कि उन्हें ब्लड प्रेशर रहता है। पिता के देहांत के चलते ट्रायल के दौरान उनकी हालत ठीक नहीं थी। डॉक्टर के कहने पर उन्होंने दवा ली। अब यह टीयूई कमेटी पर निर्भर करेगा कि पवन को पैरा एथलीट नारायण ठाकुर की तरह टीयूई दिया जाता है या नहीं। टीयूई दिए जाने की स्थिति में पवन डोपिंग के आरोपों से मुक्त हो जाएंगे। 

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