गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ियों ने की धोखाधड़ी, नेशनल जूनियर में 127 एथलीट निकले ओवर एज
- यूपी के 23 हरियाणा के 22 एथलीट शामिल
- धोखाधड़ी करने वालों में राष्ट्रीय कीर्तिमान बनाने वाले और गोल्ड मेडलिस्ट एथलीट शामिल
- 96 फर्जी सर्टीफिकेट और 31 मेडिकल टेस्ट के आधार पर निकले ओवर एज
विस्तार
एथलीटों की बायोमेट्रिक अनिवार्य करने के बावजूद आयु को लेकर की जाने वाली धोखाधड़ी अपने चरम पर पहुंच गई है। गुंटूर में समाप्त हुई राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में रिकार्ड 127 एथलीट ओवर एज पाए गए हैं। 96 एथलीट सर्टीफिकेट की जांच के आधार पर मीट में भाग लेने से रोक दिए गए जबकि भाग लेने वाले 31 एथलीट मेडिकल टेस्ट में अपनी दिखाई गई उम्र से कहीं अधिक पाए गए हैं। इनमें इस मीट में राष्ट्रीय कीर्तिमान रचने वाले और गोल्ड मेडलिस्ट विजेता एथलीट भी शामिल हैं। खास बात यह है कि आयु की धोखाधड़ी करने वाले एथलीटों में यूपी और हरियाणा के एथलीट टॉप पर हैं। यूपी के 23, हरियाणा के 22 और राजस्थान के 21 एथलीट ओवर एज पाए गए हैं।
छीने जाएंगे मेडल प्रतिबंध की सिफारिश
आयु धोखाधड़ी ने पिछले रिकार्ड भी तोड़ दिए हैं। पिछली जूनियर नेशनल में 93 एथलीट ओवर एज पाए गए थे। मीट में अंडर-14, 16, 18 और अंडर-20 वर्ग के मुकाबले कराए गए थे। मेडिकल टेस्ट के आधार पर ओवर एज पाए गए एथलीटों में अंडर-14 में ऊंची कूद का राष्ट्रीय कीर्तिमान रचने वाले मध्य प्रदेश के आदित्य रघुवंशी, इसी वर्ग में 600 मीटर में गोल्ड जीतने वाली झारखंड की आशाकिरन बारला, अंडर-16 में लंबी कूद का स्वर्ण जीतने वाले सर्विसेज के सोहेल अख्तर, अंडर-18 में डिस्कस थ्रो का रजत जीतने वाले पंजाब के हरनूर सिद्धू जैसे एथलीट शामिल हैं।
ओवर एज पाए गए सभी पदक विजेताओं एथलीटों के पदक न सिर्फ वापस लिए जाएंगे, बल्कि उनके राष्ट्रीय कीर्तिमानों को भी भंग किया जाएगा। साथ ही ओवर एज पाए गए एथलीटों पर दो साल का प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। अंतिम फैसला फेडरेशन की कमेटी की ओर से लिया जाएगा।
जांच के लिए अपनी जगह दूसरे एथलीट भेजे
मीट में एथलीटों की जांच के दौरान हैरतअंगेज मामले सामने आए। जाली सर्टीफिकेट लेकर पहुंचे एथलीटों ने हदें पार कर दीं। सर्टीफिकेट की जांच के दौरान कुछ एथलीट खुद कमेटी के सामने हाजिर नहीं हुए। सर्टीफिकेट पर फोटो नहीं होने के कारण उन्होंने अपनी जगह छोटी उम्र के एथलीटों को भेज दिया, लेकिन इवेंट में खुद भाग लेने के लिए खड़े हो गए। ऐसे कुछ एथलीटों को इवेंट के दौरान पकड़कर बाहर किया गया।