माइकल फेल्प्स ने बनाया रिकॉर्ड, ओलंपिक में जीता अपना 21वां गोल्ड
'फ्लाइंग फिश' के नाम से मशहूर माइकल फेल्प्स ने ओलंपिक गेम्स में कामयाबी का नया इतिहास ही लिख दिया है। वह लगातार चौथे ओलंपिक गेम्स में कम से कम 3 स्वर्ण पदक जीतने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया।
अमेरिका के महान तैराक फेल्प्स ने रियो में अपना तीसरा स्वर्ण पदक जीता है। इस गोल्डेन जीत के साथ ही ओलंपिक खेलों के इतिहास में उनकी स्वर्णिम सफलता का आंकड़ा 21 तक पहुंच गया है। फेल्प्स ने 2 दिन पहले ही 4 गुणा 100 मीटर की रिले में अमेरिकी टीम को जीत दिलाते हुए अपने स्वर्ण पदकों की संख्या 19 तक पहुंचा दी थी।
ओलंपिक के इतिहास में सबसे अच्छे एथलीट के रूप में शामिल हो चुके फेल्प्स ने गेम्स के चौथे दिन 2 और स्वर्ण पदक जीतकर अपने गोल्ड मेडल को 21 तक पहुंचा दिया। उन्होंने 200 मीटर बटरफ्लाई में अपना 20वां और फिर 4 गुणा 200 मीटर की फ्रीस्टाइल रिले रेस में टीम को स्वर्णिम सफलता दिलाते हुए 21वां गोल्ड झटक लिया। फ्रीस्टाइल रिले रेस में ब्रिटेन और जापान को रजत और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
200 मीटर बटरफ्लाई में उन्होंने 1:53.36 मिनट का समय निकाला, जबकि फ्रीस्टाइल रिले में टीम ने 7:00.66 मिनट का समय निकालकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
माइकल फेल्प्स ओलंपिक में जीत चुके हैं रिकॉर्ड 25 पदक
दूसरी ओर, 10 साल पहले फेल्प्स से एक कार्यक्रम में ऑटोग्राफ लेने वाली कैटी लेडेकी ने भी उनके साथ रियो में कामयाबी के झंडे गाड़ रही हैं। वह अब तक 2 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
तैराकी में पदक जीतने वाले सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी बने पल्मेर
रियो ओलंपिक में अमेरिका के रेयान मर्फी ने पुरुष की 100 मी. बैकस्ट्रोक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने इस दौरान एक नया ओलंपिक रिकॉर्ड भी कायम किया। मर्फी ने 51.97 सेकेंड में स्वर्ण पदक जीता। उल्लेखनीय है कि उन्होंने 1996 में अटलांटा गेम्स में भी मेडल जीता था।
वहीं दूसरे स्थान पर रहे चीन के सियू जिआयू ने रजत के 52.31 सेकेंड का समय लिया। वह इस स्पर्धा में पदक जीतने चीन के पहले खिलाड़ी हैं। जीत के बाद इस अमेरिकी तैराक मर्फी ने कहा कि यह सचमुच में फास्ट फाइनल था। सभी खेल में आगे बढ़ रहे थे, लेकिन खेल में वह उन सभी से बेहतर रहे। वह परिणाम से बहुत खुश हैं।
डेविड पल्मेर ने इस स्पर्धा में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने 52.40 सेकेंड का समय लिया। इस स्पर्धा में पदक पाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 30 वर्ष 304 दिन की उम्र में यह कारनामा किया है।