रियो ओलंपिक को टालने की मांग, भारतीय खिलाड़यों को क्रीम लगाने का निर्देश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सौ से ज्यादा मेडिकल विशेषज्ञों ने जिका वायरस के भयावह को देखते हुए इस साल अगस्त में होने वाले ओलंपिक गेम्स को आगे के लिए टालने या मेजबानी बदलने की बात कही है।
जिका वायरस इस समय ब्राजील में फैल चुका है और मेडिकल से जुड़े विशेषज्ञ, अकादमिक और वैज्ञानिकों ने रियो ओलंपिक को स्थगित करने या कहीं और कराने की मांग की है क्योंकि उनका मानना है कि इससे यह वायरस पूरी दुनिया में तेजी से फैल सकता है।
हालांकि दूसरी ओर, इस खतरनाक वायरस से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस वायरस के कारण ओलंपिक गेम्स को स्थगित करने या कहीं और कराने की जरुरत नहीं है क्योंकि लंबे समय तक अगर कुछ जरुरी सावधानियां बरती जाएं तो इससे बचा जा सकता है।
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जिका वायरस के कारण रियो ओलंपिक को स्थगित करने या फिर शिफ्ट कराने की योजना से इनकार किया है। इससे पहले स्वास्थ्य से जुड़े 150 बड़े पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स ने ऑनलाइन एक पत्र सार्वजनिक किया है जिसमें जिका वायरस की गंभीरता को बताया है। यह पत्र विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक मार्ग्रेट चान को भेजा गया है।
इस पत्र में यह आशंका जाहिर की गई है कि ओलंपिक गेम्स के कारण दुनियाभर से 5 लाख से ज्यादा लोग यहां आएंगे और उन पर अनावश्यक इस वायरस के चपेट में आने की आशंका बनी रहेगी। और फिर जब वह वापस लौटेंगे तो उनके साथ इस वायरस के उनके देश भी पहुंचने का डर बना रहेगा।
इस पत्र पर अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, नार्वे, फिलीपींस, जापान, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की और लेबनान समेत कई देशों के विशेषज्ञों ने हस्ताक्षर किए हैं।
भारतीय खिलाड़ियों को क्रीम और मच्छरदानी लगाने का निर्देश
दूसरी ओर, रियो ओलंपिक के दौरान भारत की चुनौती बनने वाले दिग्गज अभिनव बिंद्रा, साइना नेहवाल, गगन नारंग, सानिया मिर्जा समेत पूरे दल को इन खेलों के महाकुंभ के दौरान जीका से सावधानी बरतने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने ओलंपिक खेलों के इतिहास में भाग लेने जा रहे सबसे बड़े भारतीय दल के प्रत्येक सदस्य को इन दिशा-निर्देशों से अवगत कराने का बीड़ा उठाया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए इन दिशा-निर्देशों के आधार पर ही आईओए ने रियो जाने वाले प्रत्येक खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ को मच्छर भगाने वाली क्रीम और स्प्रे साथ में देने का निर्णय लिया है।
दिशा-निर्देशों में साफ कहा गया है कि रियो प्रवास के दौरान दिन के समय में घूमने के दौरान हाथों और पैरों को ढकने वाले कपड़ों को पहनने के साथ मच्छर भगाने वाली क्रीम जरूर लगाएं, साथ ही रात में स्प्रे, मच्छरदानी और इलेक्ट्रानिक मच्छर भगाने वाली मशीन का उपयोग करें। बुखार आने पर एस्प्रिन दवा का सेवन नहीं करें और तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
रियो ओलंपिक में भारतीय दल के चेफ डि मिशन राकेश गुप्ता का कहना है कि जीका को खिलाड़ियों को जानकारी देना जरूरी है। हालांकि उन्हें इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी और आयोजनकर्ताओं की ओर से कहा गया है कि खेलों के दौरान तापमान कम रहेगा जिसके चलते मच्छरों की संख्या न के बराबर रहेगी। बावजूद इसके सावधानी बरतना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मच्छर भगाने वाली क्रीम और स्प्रे आईओए किट के साथ देगा। मच्छर दानी और इलेक्ट्रानिक मशीन गेम्स विलेज में ही खिलाडिय़ों को मिलने की उम्मीद है।
आईओए ने इस बारे में बाकायदा स्वास्थ्य मंत्रालय से चर्चा करने के बाद इन दिशा-निर्देशों को उनके खेल संघों के जरिए जारी करवाया है। हालांकि एक अच्छी बात यह है कि जीका को लेकर इतनी बातें उठने के बावजूद अब तक किसी भारतीय खिलाड़ी या फिर खेल संघ ने इसको लेकर चिंता नहीं जताई है।