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World Athletics Championships: लॉन्ग जंपर श्रीशंकर फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने, तूर राष्ट्रमंडल खेल से बाहर
Sat, 16 Jul 2022 01:30 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 16 Jul 2022 01:30 PM IST
सार
श्रीशंकर ने क्वलीफिकेशन राउंड में आठ मीटर की जंप के साथ सातवां स्थान हासिल किया है। वो वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं।
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एम श्रीशंकर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
लॉन्ग जंपर श्रीशंकर ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। वो ऐसा करने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं। अविनाश साबले ने भी प्रतियोगिता के पहले दिन उम्मीदों के अनुसार तीन हजार मीटर स्टीपलचेज में अच्छा प्रदर्शन किया। श्रीशंकर ने आठ मीटर की जंप के साथ ग्रुप बी के क्वलीफिकेशन राउंड में दूसरा स्थान हासिल किया था और कुल मिलाकर सातवें स्थान पर रहे। इस प्रतियोगिता में उन्होंने छुपे रुस्तम के रूप में एंट्री ली थी और उसी के अनुसार प्रदर्शन कर रहे हैं।
अंजू बॉबी जॉर्ज पहली भारतीय महिला थीं, जिन्होंने लॉन्ग जंप में विश्व एथलेटिक्स के फाइनल में जगह बनाई थी और कांस्य पदक अपने नाम किया था। उन्होंने पेरिस में साल 2003 में यह कारनामा किया था।
दो अन्य भारतीय खिलाड़ी जेस्विन अल्ड्रिन मोहम्मद अनीस येहिया फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। ये दोनों ग्रुप ए के क्वालीफाइंग राउंड में नौवें और 11वें स्थान पर रहे। जेस्विन ने 7.79 मीटर और अनीस ने 7.73 मीटर लंबी जंप की। जिन खिलाड़ियों ने 8.15 मीटर से ज्यादा की दूरी तय की है और दोनों ग्रुप को मिलाकर टॉप 12 खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे हैं।
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श्रीशंकर 8.15 मीटर की दूरी नहीं तय कर सके, लेकिन टॉप 12 खिलाड़ियों में रहकर उन्होंने फाइनल में जगह बनाई। 23 साल के श्रीशंकर ने अप्रैल के महीने में फेडेरशन कप में लगातार 8.36 मीटर की दूरी तय की थी। इसके बाद उन्होंने 8.31 मीटर और 8.23 मीटर की दूरी भी हासिल की। क्वालीफिकेशन राउंड में सिर्फ जापान के युकी हशिओका (8.18 मीटर) और यूएसए के मार्किस डेन्डी (8.16 मीटर) ही 8.15 मीटर से ज्यादा की दूरी तय कर पाए।
ग्रीस के ओलंपिक चैंपियन मिलटियादिस टेंटोग्लू ने 8.03 मीटर की दूरी हासिल कर ग्रुप बी का क्वालीफाइंग राउंड जीता। स्विटजरलैंड के सिमोन ने 8.09 और क्यूबा के माइकल मसो, जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 7.93 मीटर की दूरी तय की, लेकिन टॉप 12 खिलाड़ियों में रहकर फाइनल में पहुंच गए।
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अंजू बॉबी जॉर्ज पहली भारतीय महिला थीं, जिन्होंने लॉन्ग जंप में विश्व एथलेटिक्स के फाइनल में जगह बनाई थी और कांस्य पदक अपने नाम किया था। उन्होंने पेरिस में साल 2003 में यह कारनामा किया था।
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दो अन्य भारतीय खिलाड़ी जेस्विन अल्ड्रिन मोहम्मद अनीस येहिया फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। ये दोनों ग्रुप ए के क्वालीफाइंग राउंड में नौवें और 11वें स्थान पर रहे। जेस्विन ने 7.79 मीटर और अनीस ने 7.73 मीटर लंबी जंप की। जिन खिलाड़ियों ने 8.15 मीटर से ज्यादा की दूरी तय की है और दोनों ग्रुप को मिलाकर टॉप 12 खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे हैं।
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श्रीशंकर 8.15 मीटर की दूरी नहीं तय कर सके, लेकिन टॉप 12 खिलाड़ियों में रहकर उन्होंने फाइनल में जगह बनाई। 23 साल के श्रीशंकर ने अप्रैल के महीने में फेडेरशन कप में लगातार 8.36 मीटर की दूरी तय की थी। इसके बाद उन्होंने 8.31 मीटर और 8.23 मीटर की दूरी भी हासिल की। क्वालीफिकेशन राउंड में सिर्फ जापान के युकी हशिओका (8.18 मीटर) और यूएसए के मार्किस डेन्डी (8.16 मीटर) ही 8.15 मीटर से ज्यादा की दूरी तय कर पाए।
ग्रीस के ओलंपिक चैंपियन मिलटियादिस टेंटोग्लू ने 8.03 मीटर की दूरी हासिल कर ग्रुप बी का क्वालीफाइंग राउंड जीता। स्विटजरलैंड के सिमोन ने 8.09 और क्यूबा के माइकल मसो, जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 7.93 मीटर की दूरी तय की, लेकिन टॉप 12 खिलाड़ियों में रहकर फाइनल में पहुंच गए।
2019 में भी इस प्रतियोगिता में तीन हजार मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में पहुंचने वाले साबले ने इस बार 8.18.75 मिनट का समय निकाला और तीसरे नंबर पर रहे। अब वो रविवार को पदक जीतने के इरादे से उतरेंगे। वो इस रेस में आधे समय तक आगे थे, लेकिन बाद में यूथोपिया के इवाज जागर (8.18.34) और यूएसए के इवान जागर (8.18.44) ने उन्हें पीछे छोड़ दिया। हर रेस में शुरुआती तीन स्थानों पर रहने वाले और समय के हिसाब से बाकी सबसे तेज दौड़ने वाले खिलाड़ी फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।
साबले ने पिछले महीने डायमंड लीग में 8.12.48 का समय निकाला था और पांचवें स्थान पर रहे थे। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने कई बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा है।
तूर राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर
शॉट पुटर तजिंदरपाल सिंह तूर ग्रोइन इंजरी के चलते प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सके। इवेंट से पहले उन्होंने दो बार थ्रो करने की कोशिश की, लेकिन दर्द के चलते उन्होंने प्रतियोगिता से बाहर रहने का निर्णय लिया। इसके बाद वो 28 जुलाई से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेल से भी बाहर हो गए हैं। उन्होंने 2018 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा एशियन चैंपियनशिप में भी वो स्वर्ण और रजत पदक जीत चुके हैं।
प्रियंका और संदीप का खराब प्रदर्शन
20 किलोमीटर पैदल चाल में संदीप कुमार और प्रियंका गोस्वामी ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। गोस्वामी ने 1.39.42 घंटे का समय लिया और रेस पूरी करने वाले 36 खिलाड़ियों में 34वें स्थान पर रहीं। वहीं, संदीप 1.31.58 घंटे के समय के साथ रेस पूरी करने वाले 43 खिलाड़ियों में 40वें स्थान पर रहे।
साबले ने पिछले महीने डायमंड लीग में 8.12.48 का समय निकाला था और पांचवें स्थान पर रहे थे। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने कई बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा है।
तूर राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर
शॉट पुटर तजिंदरपाल सिंह तूर ग्रोइन इंजरी के चलते प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सके। इवेंट से पहले उन्होंने दो बार थ्रो करने की कोशिश की, लेकिन दर्द के चलते उन्होंने प्रतियोगिता से बाहर रहने का निर्णय लिया। इसके बाद वो 28 जुलाई से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेल से भी बाहर हो गए हैं। उन्होंने 2018 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा एशियन चैंपियनशिप में भी वो स्वर्ण और रजत पदक जीत चुके हैं।
प्रियंका और संदीप का खराब प्रदर्शन
20 किलोमीटर पैदल चाल में संदीप कुमार और प्रियंका गोस्वामी ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। गोस्वामी ने 1.39.42 घंटे का समय लिया और रेस पूरी करने वाले 36 खिलाड़ियों में 34वें स्थान पर रहीं। वहीं, संदीप 1.31.58 घंटे के समय के साथ रेस पूरी करने वाले 43 खिलाड़ियों में 40वें स्थान पर रहे।