नर्स ने उठाए 332 किलो वजनी 'डिनी स्टोंस', ऐसा करने वाली बनी दूसरी सबसे ताकतवर महिला
यह फोटो ऑस्ट्रेलिया की वेटलिफ्टर लेह हॉलैंड-कीन की है। 29 साल की हॉलैंड ने 332 किलो वजनी 'डिनी स्टोंस' उठाकर रिकॉर्ड बनाया। पेशे से नर्स हॉलैंड ऐसा करने वाली दुनिया की सिर्फ दूसरी महिला हैं। वे इन पत्थरों को उठाकर सबसे ताकतवर महिला बनीं।
हॉलैंड से पहले अमेरिका की जैन टॉड 1979 में इन पत्थरों को लिफ्ट करने वाली पहली महिला थीं। अब तक 90 वेटलिफ्टर इन पत्थरों को उठाकर अपना शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं। हॉलैंड ने पिछले साल भी इन पत्थरों को उठाने की कोशिश की थी। लेकिन वे सफल नहीं हो पाई थीं।
स्कॉटलैंड के स्ट्रॉन्गमैन डिनी के नाम पर पत्थरों का नाम
ग्रेनाइट के ये पत्थर स्कॉटलैंड के एबरडीनशायर के पोतार्च ब्रिज के पास पाए गए थे। 1860 में इस ब्रिज के रिनोवेशन के लिए इन पत्थरों को हटाने की जरूरत पड़ी। तब स्कॉटलैंड के स्ट्रॉन्गमैन डोनाल्ड डिनी ने इन पत्थरों में लोहे के रिंग फंसाए ताकि उन्हें हाथों से उठाया जा सके।
डिनी ने ही सबसे पहले इन पत्थरों को हटाया था। इसलिए इन पत्थरों का नाम उनके नाम पर रखा गया। 1953 से इन पत्थरों को उठाने का टूर्नामेंट 'द डिनी स्टोन्स-अल्टीमेट स्ट्रैंथ चैलेंज' होने लगा।
हॉलैंड की मां सूजी भी वेटलिफ्टर
हॉलैंड ने कहा- मैं पिछले साल यहां आई थी। लेकिन सफल नहीं हुई। फिर 6-7 महीने तक तैयारी करने के बाद मुझे सफलता मिली। इस चैलेंज के बाद मुझे महसूस हुआ कि शारीरिक ताकत के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी जरूरी होती है।