खेलो इंडिया के इन खिलाड़ियों पर लटकी तलवार, 12 पदक विजेता डोप टेस्ट में फंसे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंडर-17 खेलो इंडिया स्कूल खेलों में बड़ी संख्या में पदक विजेता डोप टेस्ट में फंस गए हैं। नाडा की ओर से की गई सैंपलिंग में 12 खिलाड़ी डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। इस संख्या के और बढने की उम्मीद लगाई जा रही है। पॉजिटिव पाए गए खिलाडिय़ों में चार पहलवान और तीन बॉक्सर हैं। फंसने वाले अन्य खिलाडिय़ों में दो जिम्नास्टिक के और एक-एक जूडो, वॉलीबाल, एथलेटिक्स से संबंधित हैं। इन सभी खिलाडिय़ों ने इन खेलों के दौरान स्वर्ण और रजत पदक जीते थे। इनमें चार यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के दो-दो पदक विजेता भी हैं।
खास बात यह है कि ज्यादातर खिलाडिय़ों के सैंपल में डाइयूरेटिक फूरोसेमाइड पाया गया है। यह मास्किंग एजेंट भी और वजन कम करने के काम भी आता है। हालांकि यह स्पेसीफाइड सब्सटेंस है, जिसके चलते नाडा ने इनमें से ज्यादातर खिलाडिय़ों पर अस्थाई प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन इन्होंने अपनी बेगुनाही साबित नहीं की तो इन पर दो से चार साल का प्रतिबंध लगना तय है। इनमें एक खिलाड़ी ही स्टेरायड स्टेनोजोलॉल के लिए फंसा है।
खेल मंत्रालय की ओर से आयोजित इन खेलों में से प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों की छंटनी होनी थी, जिन्हें पांच लाख रुपये प्रति माह की स्कॉलरशिप दी जानी थी। यही कारण था कि इन खेलों में खिलाडिय़ों के डोप में फंसने की संभावनाएं जताई जा रही थीं। फंसने वाले पहलवानों में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम के रोहित यादव, महाराष्ट्र के जगदीश रोकाडे, हरियाणा के अभिमन्यु, यूपी के राहुल कुमार (सभी फूरोसेमाइड) शामिल हैं। बॉक्सरों में उत्तराखंड के सौरव चंद्र, भरत बडवल (दोनों फूरोसेमाइड) व राजस्थान के अमन (स्टेरायड स्टेनोजोलॉल) शामिल हैं। हरियाणा के जुडोका अजय कुमार के सैंपल में भी फूरोसेमाइड मिला है, जबकि गोल्ड मेडलिस्ट जिम्नास्ट इलाहबाद के मुहम्मद अनास और पश्चिम बंगाल की वॉलीबाल खिलाड़ी देबांशी तिवारी के सैंपल में बीटा एगोनिस्ट टरब्यूटालाइन पाया गया है।
खांसी की दवा में मिलता है टरब्यूटालाइन
अनास ने अपने डोप फार्म में खासी की दवा लेने का जिक्र किया है। खांसी की दवा में टरब्यूटलाइन पाया जाता है। ऐसे में अनास नाडा के समक्ष अपनी पैरवी सही ढंग से करते हैं तो वह बच भी सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंधित दवाओं को शरीर से निकालने के लिए मास्किंग एजेंट लिया जाता है, लेकिन कंपटीशन से पहले वजन कम करने के लिए भी मास्किंग एजेंट फूरोसेमाइड लिया जाता है। हो सकता है कि पहलवानों और बॉक्सरों ने वजन दुरुस्त करने के लिए इसका सेवन किया हो।