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18 साल की खदीजा ने पेश की मिसाल, हिजाब पहन रेस में दौड़ाया घोड़ा

Fri, 02 Aug 2019 03:54 PM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Rohit Ojha Updated Fri, 02 Aug 2019 03:54 PM IST
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Khadijah Mellah becomes first UK jockey to wear hijab and wins race
खदीजा मेल्लाह - फोटो : social Media

ग्लोरियस गुडवुड रेसकोर्स पहली बार हिजाब पहन रेस करने वाली किसी महिला का गवाह बना। 18 साल की खदीजा मेल्लाह ने हिजाब पहने हॉर्स रेसिंग कर इतिहास रच दिया है। खदीजा की चर्चा अब पूरे विश्व में होने लगी है, वह ब्रिटेन की पहली महिला हैं, जिन्होंने हिजाब पहनकर घुड़सवारी की बड़ी प्रतियोगिता में भाग लिया और 25 हजार लोगों के सामने हॉर्स रेसिंग की।

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खदीजा के इस कदम ने मुस्लिम महिलाओं के प्रति लोगों की धारणा को बदल कर रख दिया है। डेली टेलीग्राफ से बातचीत में उन्होंने बताया कि हमारे प्रति लोगों की यह धारणा रही है कि हम सपने नहीं देख सकते। हमें बताया जाता है कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं, जो कि यह बिल्कुल सही नहीं है।
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ऑल-फीमेल मैगनोलिया कप - एक चैरिटी रेस में भाग में लिया था। खदीजा ने कहा कि मैं बचपन से ये ही ख्वाब देखती थी कि मैं ऐसी बनूं कि लोग मुझे जानें। अब मुस्लिम लड़कियां मेरी तरफ उम्मीद से देख रही हैं मुझे लगातार मुस्लिम लड़कियों के मैसेज आ रहे हैं। उनके भेजे संदेशों को पढ़कर बहुत खुशी हो रही है। मुझसे लड़कियां कह रही हैं कि उन्हें मुझसे प्रेरणा मिल रही है, ये मेरे लिए सुखद अनुभव है।

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Khadijah Mellah becomes first UK jockey to wear hijab and wins race
खदीजा मेल्लाह - फोटो : social Media

खदीजा जब 11 साल की थीं, तब से घुड़सवारी कर रही हैं।  इस साल अप्रैल में उनकी पहली हॉर्स रेस थी, वहीं गुरुवार एक अगस्त को उनकी दूसरी हॉर्स रेस थी, जो गुड वुड फेस्टिवल में होने के कारण खदीजा के लिए बेहद ही खुशी की बात थी। जॉकी उद्योग में इस नए चेहरे का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया जा रहा है।

मुस्लिम महिला स्पोर्ट फाउंडेशन के अनुसार महिला ब्रिटिश मुस्लिम जॉकी की संख्या फिलहाल बहुत कम है। इस क्षेत्र में मुस्लिम लड़कियां न के बराबर ही हैं। खदीजा कहती हैं कि इससे मुझे गर्व होता है कि मैं इतने सारे लोगों को रिप्रेजेंट कर रही हूं। खदीजा ने पहली बार ब्रिक्सटन के एबोनी हॉर्स क्लब में ज्वाइन किया था, वह अपनी मम्मी के साथ पास की मस्जिद में आई थीं, तभी उन्होंने इस क्लब देखा था फिर उसे ज्वाइन किया था। 

खदीजा ने कहा कि मैंने कभी भी नहीं सोचा था कि मेरा हॉर्स रेसिंग में कोई भविष्य होगा, लेकिन अब जब मुझे यहां मैदान में ट्रेनिंग के बाद उतारा गया और मैं पिछले कुछ हफ्तों से राइडिंग कर रही हूं, तो मुझे अपने इस काम से प्यार हो गया है। अब मैं इसी में अपना भविष्य देख रही हूं।

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