थाईलैंड नहीं भेजा तो फोंटेनल्स ने छोड़ दिया क्यूबा, फर्नांडीज ने भी भारत को अपनाया
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भारतीय बॉक्सिंग में योगदान के लिए जिस तरह क्यूबा के कोच बीआई फर्नांडीज को याद किया जाता है। थाईलैंड में ठीक वैसा दर्जा फर्नांडीज के स्कूल के दिनों के साथी और बचपन के दोस्त जुआन फोंटेनल्स को प्राप्त है। फोंटेनेल्स ने थाईलैंड को सोमलक कामसिंग जैसे ओलंपिक चैपियन बॉक्सर दिए हैं।
विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में थाईलैंड की टीम लेकर आए फोंटेनल्स इस साल की शुरुआत में दोबारा थाईलैंड से जुड़े। थाईलैंड बॉक्सिंग फेडरेशन के कई बुलावों के बावजूद उन्हें छह साल तक क्यूबा सरकार ने थाईलैंड नहीं आने दिया। नतीजन फोंटेनल्स ने क्यूबा को छोड़ मैक्सिको की नागरिकता हासिल कर ली और एक बार फिर थाईलैंड का हाथ थाम लिया।
फोंटेनल्स कहते हैं कि कि 17 वर्षों के बाद 2012 में उनका अनुबंध थाईलैंड के साथ समाप्त हो गया। वह वापस क्यूबा चले गए। थाईलैंड ने कुछ वर्ष बाद वापस उन्हें बुलाने की कोशिश की तो सरकार से मंजूरी नहीं मिली। उन्हें इस देश से बहुत ज्यादा लगाव था वह दोबारा आना चाहते थे।
लेकिन क्यूबा में अनुबंध व्यक्ति के साथ नहीं बल्कि सरकार के साथ होता है। अनुबंध की राशि का बड़ा हिस्सा भी सरकार के खाते में जाता है। उन्हें जब लगा कि क्यूबा सरकार की ओर से उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा तो उन्होंने मैक्सिको की नागरिकता हासिल करने के प्रयास किए जिसमें वह सफल हो गए।
मैक्सिको में नहीं लगा दिल
उन्होंने क्यूबा छोड़ मैक्सिको की टीम को ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी। वहां घर बना लिया है, लेकिन उनका दिल थाईलैंड में ही अटका रहता था। आखिर उन्होंने इस देश को बॉक्सिंग में काफी कुछ दिया था। थाईलैंड भी उन्हें बुलाने को बेकरार था। इस साल मार्च में वह मैक्सिको से फिर थाईलैंड आ गए हैं, लेकिन अब वह पुरुष नहीं बल्कि महिला बॉक्सरों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस चैंपियनशिप में थाईलैंड की एक बॉक्सर सेमीफाइनल में पहुंची है।
फोंटेनल्स के मुताबिक क्यूबा में अभी भी उनका घर है, लेकिन वहां कोई नहीं रहता है। मैक्सिको की नागरिकता हासिल करने के बाद वह क्यूबा गए भी नहीं हैं। यही नहीं फोंटेनल्स के साथ उनके पुत्र भी थाईलैंड बॉक्सिंग टीम को कोचिंग दे रहे हैं। फर्नांडीज का नाम सुनते ही वह चहक उठते हैं।
वह बताते हैं कि फर्नांडीज उनके बचपन के साथी हैं, लेकिन लंबे समय से उनसे नहीं मिला हूं। उन्हें इस बात पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ जब उन्हें बताया गया कि फर्नांडीज भी क्यूबा वापस नहीं गए हैं। वर्तमान में वह पंजाब खेल विभाग से जुड़कर मोहाली में ट्रेनिंग दे रहे हैं।