भारतीय खेल की आवाज, प्रसिद्ध कमेंटेटर जसदेव सिंह का 87 की उम्र में निधन
भारतीय खेल की आवाज माने जाने वाले प्रसिद्ध कमेंटेटर जसदेव सिंह का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। जसदेव 87 वर्ष के थे और उनके परिवार में एक बेटा व बेटी है।
दूरदर्शन पर 70 और 80 के दशक में खेल प्रसारण के मामले में रवि चतुर्वेदी और सुशील दोशी के साथ जसदेव सिंह खेल-प्रेमियों के लिए जाने-माने नाम थे। खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
राठौड़ ने ट्वीट किया, 'मुझे यह जान कर काफी दुख हुआ कि बेहतरीन कमेंटेटर रहे जसदेव सिंह का निधन हो गया। वह आकाशवाणी और दूरदर्शन के सर्वश्रेष्ठ कमेंटेटरों में से एक रहे हैं। उन्होंने नौ ओलंपिक, छह एशियाई खेलों और अनगिनत बार स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस प्रसारण का आंखों देखा हाल सुनाया था।'
It is with deep sadness that I note the demise of Sh Jasdev Singh, one of our finest commentators.
A veteran of @AkashvaniAIR & @DDNational, he covered 9 Olympics, 6 Asian Games & countless Independence Day & Republic Day broadcasts.
His demise is truly the end of an era.— Rajyavardhan Rathore (@Ra_THORe) September 25, 2018
चतुर्वेदी और दोशी मुख्य रूप से क्रिकेट कमेंट्री में थे जबकि जसदेव सिंह ओलंपिक खेलों में नियमित थे। उन्होंने हेलसिंकी (1968) से मेलबर्न (2000) तक ओलंपिक के नौ सत्रों में कमेंट्री की। ओलंपिक परिषद के पूर्व प्रमुख जुआन एंटोनियो समारांच ने उन्हें 1988 सोल ओलंपिक में इन खेलों को बढ़ावा देने के लिए 'ओलंपिक ऑडर' से सम्मानित किया था।
उन्होंने छह बार एशियाई खेलों और इतनी ही बार हाकी विश्व कप में कमेंट्री की थी। उन्होंने 1963 से 48 वर्षां तक गणतंत्र दिवस का आंखों देखा हाल सुनाया था। उन्हें 1985 में पद्म श्री और 2008 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।