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आईओए ने यह फैसला लेकर सुनील छेत्री और भारतीय फुटबॉल प्रेमियों को दिया तगड़ा झटका
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 02 Jul 2018 05:52 PM IST
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भारतीय ओलंपिक संघ
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने इंडोनेशिया के जकार्ता में 18 अगस्त से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के लिए 514 खिलाड़ियों को हरी झंडी दी है। यह दल 2014 में इंचियोन में हुए खेलों के दल (541) से छोटा है।
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आईओए के सोमवार को अंतिम सूची जारी करने की उम्मीद है, जिसमें कुछ और खिलाड़ी शामिल किए जा सकते हैं। आईओए के एक अधिकारी ने कहा कि हमने लगभग 514 एथलीटों को मंजूरी दी है। अंतिम सूची पर काम चल रहा है। सोमवार को अंतिम सूची जारी करने से पहले कुछ और नाम जोड़े जा सकते हैं।
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यह तय है कि यह पिछले दल से कम ही होंगे। आईओए ने सभी खेल संघों के लिए अंतिम सूची भेजने की अंतिम तारीख 30 जून तय की है। आईओए ने इस बार फुटबॉल और हैंडबॉल टीम को मंजूरी नहीं दी है। सबसे बड़ा 53 सदस्यीय दल एथलेटिक्स का होगा। हालांकि एशियन खेलों के आयोजकों ने भारत के लिए 102 कोटा स्थान निर्धारित किए हैं।
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फुटबॉल टीम को नहीं भेजने से हैरान है एआईएफएफ
सुनील छेत्री
फुटबॉल टीम को एशियाई खेलों में नहीं भेजने के फैसले से भारतीय फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) काफी सकते में है। आईओए ने यह कहते हुए इंकार किया कि भारतीय फुटबॉल टीम के मेडल जीतने की कोई उम्मीद नहीं है। आईओए ने कहा कि उनकी गाइडलाइंस के मुताबिक सिर्फ एशिया मे 1 से 8 रैंकिंग वाले दावेदारों को ही एशियाई खेलों में भेजा जाएगा, जिससे कि उनसे मेडल लाने की उम्मीद हो। भारतीय फुटबॉल टीम की एशिया में फिलहाल रैंकिंग 14 है। यही वजह है कि उन्हें भेजने का कोई फायदा नहीं।
आईओए के इस फैसले से पिछले 3 सालों से गेम्स की तैयारी में लगे खिलाड़ी और भारतीय फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) बेहद नाराज है। आईओए के इस फैसले पर एआईएफएफ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एआईएफएफ ने सीधे आईओए पर फुटबॉल को ना समझने के आरोप लगाए हैं। एआईएफएफ ने अपने बयान में कहा कि 'आईओए के पास कोई विजन या क्षमता नहीं है कि वह समझ सके कि फुटबॉल एक वैश्विक खेल है, जिसे 212 देश खेलते हैं और एशिया की शीर्ष-5 टीमें फीफा वर्ल्ड कप खेलती हैं, जहां का स्तर एशियाई खेलों से कहीं ऊपर है।'
एआईएफएफ का कहना है कि भारतीय फुटबॉल ने पिछले तीन साल में काफी सफलताएं हासिल की हैं। एआईएफएफ ने आईओए से कहा है कि टीम फीफा रैंकिंग में 173वें नंबर से 97वें नंबर पर पहुंच गई है। 1994 के बाद यह पहला मौका रहेगा, जब भारतीय फुटबॉल टीम एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं लेगी।
आईओए के इस फैसले से पिछले 3 सालों से गेम्स की तैयारी में लगे खिलाड़ी और भारतीय फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) बेहद नाराज है। आईओए के इस फैसले पर एआईएफएफ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एआईएफएफ ने सीधे आईओए पर फुटबॉल को ना समझने के आरोप लगाए हैं। एआईएफएफ ने अपने बयान में कहा कि 'आईओए के पास कोई विजन या क्षमता नहीं है कि वह समझ सके कि फुटबॉल एक वैश्विक खेल है, जिसे 212 देश खेलते हैं और एशिया की शीर्ष-5 टीमें फीफा वर्ल्ड कप खेलती हैं, जहां का स्तर एशियाई खेलों से कहीं ऊपर है।'
एआईएफएफ का कहना है कि भारतीय फुटबॉल ने पिछले तीन साल में काफी सफलताएं हासिल की हैं। एआईएफएफ ने आईओए से कहा है कि टीम फीफा रैंकिंग में 173वें नंबर से 97वें नंबर पर पहुंच गई है। 1994 के बाद यह पहला मौका रहेगा, जब भारतीय फुटबॉल टीम एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं लेगी।