{"_id":"5d447ffa8ebc3e6cd878280c","slug":"indian-men-s-team-wins-bronze-after-seven-years-in-iaaf-world-race-walking-cup","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैदल टीम को सात साल बाद मिलेगा कांसा, 2012 में रूस विश्व कप में चौथे नंबर पर थे","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
पैदल टीम को सात साल बाद मिलेगा कांसा, 2012 में रूस विश्व कप में चौथे नंबर पर थे
Sat, 03 Aug 2019 08:05 AM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Sat, 03 Aug 2019 08:05 AM IST
विज्ञापन
विश्व पैदल चाल कप
- फोटो : social media
भारतीय पुरुष पैदल चाल टीम को आखिरकार सात साल बाद कांस्य पदक मिल ही गया। भारतीय टीम मई 2012 में रूस के सरांस्क में खेले गए आईएएएफ विश्व पैदल चाल कप की 20 किमी पैदल चाल स्पर्धा में तीसरे स्थान पर आने से चूक गई थी। दूसरे स्थान पर रही यूक्रेनी टीम के एक सदस्य रसलान दिमित्रेंको के डोपिंग में पकड़े जाने के कारण अयोग्य घोषित होने के बाद अब भारत को कांस्य पदक मिला है।
विज्ञापन
भारतीय टीम में केटी इरफान, बाबूभाई पानुचा और सुरिदंर सिंह थे। यह भारतीय तिकड़ी चीन, यूक्रेन और ऑस्ट्रेलिया के बाद चौथे स्थान पर रही थी। बीस किमी पैदल चाल में व्यक्तिगत स्पर्धा में तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से टीम रैंकिंग तय की जाती है। भारत को तब 68 अंक मिले थे और वह चौथे स्थान पर था। दिमित्रेंको का परिणाम निकाल देने के बाद भारत और यूक्रेन के समान अंक हो गए। लेकिन भारत का तीसरे और आखिरी खिलाड़ी का प्रदर्शन बेहतर (भारत का 29 और यूक्रेन का 51वें नंबर पर रहा था) रहा जिसके कारण अंक बराबर होने पर भी भारत को कांस्य पदक मिला। दिमित्रेंको ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी कांसा जीता था। उनसे वह पदक भी छीन लिया गया है।
विज्ञापन