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ओलंपिक में भारत का सफर: इस बार सात पदक जीते, इसमें एक स्वर्ण भी शामिल; लंदन ओलंपिक को पीछे छोड़ा
Sat, 07 Aug 2021 07:16 PM IST
अभिषेक दीक्षित
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 07 Aug 2021 07:16 PM IST
सार
वर्ष 1900 से 2021 तक ओलंपिक में भारत के 10 स्वर्ण पदक समेत कुल 35 मेडल हैं। सबसे ज्यादा 11 पदक हॉकी में हैं। देश के लिए इंडिविजुअल गोल्ड मेडल शूटिंग में अभिनव बिंद्रा और जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा के नाम है।
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भारतीय पुरुष हॉकी टीम
- फोटो : pti
विस्तार
जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे ओलंपिक गेम्स अपने आखिरी चरणों में पहुंच चुके हैं। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि भारत इस बार ओलंपिक इतिहास में सबसे बेहतर प्रदर्शन करेगा। ऐसा हुआ भी। मेरीकॉम और अमित पंघाल जैसे कई बड़े खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद भी भारत ने खेलों के इस महाकुंभ को अपना सबसे सफल ओलंपिक बना दिया।
ओलंपिक इतिहास की बात करें, तो भारत के नाम अब तक कुल 35 पदक हैं। इनमें 10 स्वर्ण, नौ रजत और 16 कांस्य पदक शामिल हैं। सबसे ज्यादा आठ स्वर्ण पदक भारत की हॉकी टीम ने जीते हैं। देश के नाम व्यक्तिगत स्पर्धा में दो गोल्ड हैं, जो अभिनव बिंद्रा ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक के दौरान शूटिंग और इसी साल नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में जीता है।
सबसे बेहतरीन ओलंपिक अभियान की बात करें, भारत ने 2012 लंदन आलंपिक को पीछे छोड़ते हुए टोक्यो ओलंपिक में 7 पदक अपने नाम किए हैं। इससे पहले लंदन में भारत के नाम कुल छह पदक थे। आइए जानते हैं टोक्यो में किन खिलाड़ियों ने भारत का नाम रोशन किया...
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ओलंपिक इतिहास की बात करें, तो भारत के नाम अब तक कुल 35 पदक हैं। इनमें 10 स्वर्ण, नौ रजत और 16 कांस्य पदक शामिल हैं। सबसे ज्यादा आठ स्वर्ण पदक भारत की हॉकी टीम ने जीते हैं। देश के नाम व्यक्तिगत स्पर्धा में दो गोल्ड हैं, जो अभिनव बिंद्रा ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक के दौरान शूटिंग और इसी साल नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में जीता है।
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सबसे बेहतरीन ओलंपिक अभियान की बात करें, भारत ने 2012 लंदन आलंपिक को पीछे छोड़ते हुए टोक्यो ओलंपिक में 7 पदक अपने नाम किए हैं। इससे पहले लंदन में भारत के नाम कुल छह पदक थे। आइए जानते हैं टोक्यो में किन खिलाड़ियों ने भारत का नाम रोशन किया...
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1. चानू ने दिलाया पहला पदक
भारत को टोक्यो में पहला पदक मीराबाई चानू ने दिलाया। उन्होंने भारत्तोलन में देश के लिए रजत पदक जीता। स्नैच के बाद मीराबाई चानू दूसरे नंबर पर थीं। इसके बाद क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में मीराबाई चानू 110 किग्रा उठाने में कामयाब रहीं। मीराबाई ने 49 किग्रा वर्ग में दूसरा स्थान हासिल कि इस स्पर्धा का स्वर्ण चीन की जीहोई होउ ने जीता है.या।
2. पीवी सिंधू ने रचा इतिहास
बैडमिंटन में भारत के लिए पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीता। इसी के साथ सिंधु ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले सुशील कुमार को कुश्ती में दो पदक मिले थे।
3. हॉकी: एक कांस्य पदक जीता
इस बार भारत की पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत ने 41 साल बाद ओलंपिक हॉकी में पदक जीता। इससे पहले भारत ने 1980 में स्वर्ण पदक जीता था। टोक्यो में भारत की महिला हॉकी टीम ने भी शानदार खेल दिखाया और पहली बार चौथे स्थान पर रही
4. बॉक्सिंग: कांस्य पदक से संतोष
पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा ले रही लवलीना बोरगोहेन को 69 किलोग्राम वेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, वे खाली हाथी देश नहीं लौटेंगी। उन्होंने भारत की झोली में कांस्य पदक तो डाला ही। अगर वे सेमीफाइनल मुकाबला जीत जातीं, तो पहली बार कोई भारतीय बॉक्सर ओलंपिक में स्वर्ण या रजत पदक की दावेदारी पेश करता।
5. कुश्ती: रवि को रजत, बजरंग ने कांस्य जीता
कुश्ती (फ्री स्टाइल) में रवि कुमार दहिया ने रजत पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाला। इसके अलावा बजरंग पुनिया ने कांस्य पदक जीतकर कुश्ती में भारत का बोलबाला साबित किया। इसके अलावा दीपक पुनिया ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, वे भारत के लिए कोई पदक नहीं जीत पाए।
6. एथलेटिक्स: टोक्यो में भारत को पहला गोल्ड मिला
भारत को सबसे बड़ी सफलता उम्मीद जैवलिन थ्रो में हासिल हुई। नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में 13 साल बाद भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। यही नहीं, 121 साल में पहली बार भारत को ट्रैक एंड फील्ड में स्वर्ण पदक हासिल हुआ। नीरज ट्रैक एंड फील्ड में सोना जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं।
2. पीवी सिंधू ने रचा इतिहास
बैडमिंटन में भारत के लिए पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीता। इसी के साथ सिंधु ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले सुशील कुमार को कुश्ती में दो पदक मिले थे।
3. हॉकी: एक कांस्य पदक जीता
इस बार भारत की पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत ने 41 साल बाद ओलंपिक हॉकी में पदक जीता। इससे पहले भारत ने 1980 में स्वर्ण पदक जीता था। टोक्यो में भारत की महिला हॉकी टीम ने भी शानदार खेल दिखाया और पहली बार चौथे स्थान पर रही
4. बॉक्सिंग: कांस्य पदक से संतोष
पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा ले रही लवलीना बोरगोहेन को 69 किलोग्राम वेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, वे खाली हाथी देश नहीं लौटेंगी। उन्होंने भारत की झोली में कांस्य पदक तो डाला ही। अगर वे सेमीफाइनल मुकाबला जीत जातीं, तो पहली बार कोई भारतीय बॉक्सर ओलंपिक में स्वर्ण या रजत पदक की दावेदारी पेश करता।
5. कुश्ती: रवि को रजत, बजरंग ने कांस्य जीता
कुश्ती (फ्री स्टाइल) में रवि कुमार दहिया ने रजत पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाला। इसके अलावा बजरंग पुनिया ने कांस्य पदक जीतकर कुश्ती में भारत का बोलबाला साबित किया। इसके अलावा दीपक पुनिया ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, वे भारत के लिए कोई पदक नहीं जीत पाए।
6. एथलेटिक्स: टोक्यो में भारत को पहला गोल्ड मिला
भारत को सबसे बड़ी सफलता उम्मीद जैवलिन थ्रो में हासिल हुई। नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में 13 साल बाद भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। यही नहीं, 121 साल में पहली बार भारत को ट्रैक एंड फील्ड में स्वर्ण पदक हासिल हुआ। नीरज ट्रैक एंड फील्ड में सोना जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं।
किस खेल में कितने पदक जीते?
| खेल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
| एथलेटिक्स | 1 | 2 | 0 | 3 |
| बैडमिंटन | 0 | 1 | 2 | 3 |
| बॉक्सिंग | 0 | 0 | 3 | 3 |
| हॉकी | 8 | 1 | 3 | 12 |
| शूटिंग | 1 | 2 | 1 | 4 |
| टेनिस | 0 | 0 | 1 | 1 |
| वेटलिफ्टिंग | 0 | 1 | 1 | 2 |
| कुश्ती फ्रीस्टाइल | 0 | 2 | 5 | 7 |
| कुल | 10 | 9 | 16 | 35 |
किस ओलंपिक में कैसा प्रदर्शन रहा?
| साल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
| 2020 | 1 | 2 | 4 | 7 |
| 2016 | 0 | 1 | 1 | 2 |
| 2012 | 0 | 2 | 4 | 6 |
| 2008 | 1 | 0 | 2 | 3 |
| 2004 | 0 | 1 | 0 | 1 |
| 2000 | 0 | 0 | 1 | 1 |
| 1996 | 0 | 0 | 1 | 1 |
| 1980 | 1 | 0 | 0 | 1 |
| 1972 | 0 | 0 | 1 | 1 |
| 1968 | 0 | 0 | 1 | 1 |
| 1964 | 1 | 0 | 0 | 1 |
| 1960 | 0 | 1 | 0 | 1 |
| 1956 | 1 | 0 | 0 | 1 |
| 1952 | 1 | 0 | 1 | 2 |
| 1948 | 1 | 0 | 0 | 1 |
| 1936 | 1 | 0 | 0 | 1 |
| 1932 | 1 | 0 | 0 | 1 |
| 1928 | 1 | 0 | 0 | 1 |
| 1900 | 0 | 2 | 0 | 2 |
| कुल | 10 | 9 | 16 | 35 |
7 पदक के साथ टोक्यो ओलंपिक सबसे बेहतरीन रहा
टोक्यो से पहले भारत का सबसे सफल ओलंपिक 2012 लंदन ओलिंपिक रहा था। इसमें भारत ने दो रजत और चार कांस्य समेत कुल छह पद अपने नाम किए थे। 2008 बीजिंग में टीम इंडिया ने एक स्वर्ण और दो कांस्य समेत तीन पदक जीते थे। इस तरह टोक्यो में 7 पदक जीतकर भारत ने लंदन को भी पीछे छोड़ दिया।
छह ओलंपिक में खाता भी नहीं खुल सका
भारत ने अब तक 24 ओलंपिक में हिस्सा लिया है। इसमें से छह ओलंपिक में एक भी मेडल नहीं जीत सका। 1896 से मॉडर्न ओलंपिक गेम्स आयोजित हो रहे हैं। तब से दुनिया ने अमेरिका, सोवियत संघ, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान जैसे देशों को महाशक्ति के तौर पर देखा।
छह ओलंपिक में खाता भी नहीं खुल सका
भारत ने अब तक 24 ओलंपिक में हिस्सा लिया है। इसमें से छह ओलंपिक में एक भी मेडल नहीं जीत सका। 1896 से मॉडर्न ओलंपिक गेम्स आयोजित हो रहे हैं। तब से दुनिया ने अमेरिका, सोवियत संघ, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान जैसे देशों को महाशक्ति के तौर पर देखा।