विश्व चैंपियनशिप, ओलंपिक क्वालिफाइंग पर है मैरी कॉम की निगाह, नए बॉक्सरों से लेना चाहती हैं अनुभव
छह विश्व खिताब एक ओलंपिक पदक और 20 साल का लंबा अनुभव होने पर भी मैरी कॉम नया सीखने का कोई मौका नहीं छोडना चाहती हैं। मैरी के मुताबिक इंडोनेशिया में जीते गए गोल्ड ने उनके अनुभव के खजाने में भारी इजाफा किया है। इंडोनेशिया से भारत लौटने की तैयारी के दौरान मैरी अमर उजाला से खुलासा करती हैं कि विश्व चैंपियनशिप के साथ अब ओलंपिक क्वालिफाइंग टूर्नामेंट उनके लिए काफी अहम हो गया है, लेकिन ओलंपिक कोटा नहीं होने के बावजूद वह इस साल मास्को में होने वाली विश्व चैंपियनशिप को बिल्कुल हल्के में नहीं लेंगी। इन्हीं दोनों टूर्नामेंटों के लिए वह इंडोनेशिया जैसे कुछ टूर्नामेंट खेलना चाहती हैं, जहां उन्हें नए बॉक्सरों के साथ खेलने का अनुभव हासिल होगा जो उनके काफी काम आएगा।
स्कोर नहीं बता रहा बाउट का हाल
सेमीफाइनल में वियतनामी बॉक्सर के खिलाफ मैरी को 3-2 से जीत हासिल हुई, लेकिन मैरी के मुताबिक यह बाउट उतनी कठिन नहीं थी जितना स्कोर दिखा रहा है। मैरी का मानना है सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में उन्हें कोई ज्यादा कठिनाई हुई। वह खुलासा करती हैं कि विश्व चैंपियनशिप से पहले वह विदेश में ट्रेनिंग के लिए जाएंगी। फेडरेशन और कोच इटली के लिए बातचीत कर रहे हैं। मैरी के कोच छोटे लाल यादव के मुताबिक इटली का दौरा 15 दिनों का हो सकता है। यहां पूरी टीम भेजे जाने की कोशिशें हो रही हैं।
जब दूसरे देशों के बॉक्सरों ने कहा आप जैसा बनना है
मैरी इस बात से बेहद खुश हैं कि उन्हें यहां भी अपार समर्थन मिला। कोच छोटे लाल खुलासा करते हैं कि मैरी का बाउट देखने बड़ी संख्या में यहां लोग आते थे। सिर्फ दर्शकों में ही नहीं बल्कि टूर्नामेंट में खेलने आए बॉक्सरों के बीच भी मैरी काफी लोकप्रिय थीं। उनसे ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस, वियतनाम और स्थानीय इंडोनेशियाई बॉक्सर मिलने आते थे और कहते थे कि जिस तरह की बॉक्सिंग वह कर रही हैं उन्हें भी वैसी ही बॉक्सिंग करनी है। मैरी उन्हें निराश नहीं करती थीं और पूरी सलाह देती थीं।
छोटे लाल के मुताबिक विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालिफाइंग टूर्नामेंट केलिए वह मैरी के काउंटर अटैक में और तेजी लाने का काम कर रहे हैं। साउथ पॉ मैरी काउंटर पंच जडने में माहिर हैं, लेकिन वह कोशिश कर रहे हैं कि विरोधी का पंच आने पर उनका काउंटर पंच और भी कम समय में पड़े जिससे विरोधी को संभलने का ही मौका नहीं मिले और स्कोर हो जाए।
प्रतिबंध के चलते विश्व चैंपियनशिप में नहीं है कोटा
आईओसी ने आइबा पर प्रतिबंध लगा रखा है, जिसके चलते मास्को विश्व चैंपियनशिप से ओलंपिक कोटा छिन गया है। अब आईओसी अपने स्तर पर ओलंपिक क्वालिफाइंग टूर्नामेंट कराएगी। पहला ओलंपिक क्वालिफाइंग जनवरी में टोकियो में होने की उम्मीद है। इस बार ओलंपिक में आठ पुरुष और पांच महिलाओं के भार वर्ग शामिल किए गए हैं।