एमेच्योर मुक्केबाजी में वापसी कर रहे हैं विकास, टोक्यो ओलंपिक तक नहीं खेलेंगे कोई पेशेवर मुकाबला
- दक्षिण एशियाई खेलों के लिए 16 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल
- नए भार वर्ग 69 किग्रा में उतरेंगे रिंग पर, टोक्यो ओलंपिक तक नहीं खेलेंगे कोई पेशेवर मुकाबला
विस्तार
पेशेवर मुक्केबाजी से कुछ समय के लिए ब्रेक लेकर एमेच्योर मुक्केबाजी में वापसी का फैसला करने वाले विकास कृष्ण को नेपाल में एक दिसंबर से होने वाले दक्षिण एशियाई खेलों के लिए 16 सदस्यीय टीम में चुना गया है। वह इसमें नए वजन 69 किग्रा में हिस्सा लेंगे।
विकास ने पेशेवर मुक्केबाज बनने के बाद अमेरिकी सर्किट में दो मुकाबले जीते हैं। इसके बाद उन्होंने साल के शुरू में एमेच्योर में वापसी करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि वह 2020 टोक्यो ओलंपिक तक कोई पेशेवर मुकाबला नहीं खेलेंगे। उन्होंने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में 75 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता था। विकास ने 69 किग्रा वजन में 2011 में विश्व चैंपियनशिप का कांसा जीता था।
विकास के अलावा टीम में मनीष कौशिक भी इन खेलों में भाग लेंगे जिन्होंने रूस में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक क्वालिफायर के लिए 63 किग्रा वर्ग में अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया है। छह सदस्यीय महिला टीम की अगुआई सोनिया लाठेर (57 किग्रा) और राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व कांस्य पदकधारी पिंकी रानी (51 किग्रा) करेंगी।
टीम
महिला : के श्रीनिवासन (48 किग्रा), पिंकी रानी (51 किग्रा), शिक्षा (54 किग्रा), सोनिया लाठेर (57 किग्रा), प्रवीण (60 किग्रा), मंजू बोंबारिया (64 किग्रा)।
पुरुष : विनोद तंवर (49 किग्रा), स्पर्श कुमार (52 किग्रा), सचिन (56 किग्रा), वरिंदर सिंह (60 किग्रा), मनीष कौशिक (64 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), अंकित खताना (75 किग्रा), सचिन कुमार (81 किग्रा), गौरव चौहान (91 किग्रा), नरेंदर (प्लस 91 किग्रा)।