कॉमनवेल्थ गेम्स 2018: नए लिबास में नजर आएंगी महिला एथलीट, पहले से ज्यादा कम्फर्टेबल होगा ड्रेस कोड
ऑस्ट्रेलिया में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय महिला एथलीट एक नए लिबास में सामने आएंगी। 4 अप्रैल से होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में महिला एथलीट इस बार साड़ी की बजाय ट्राउजर और ब्लेजर पहनेंगी।
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने यह तय किया है कि इस बार पुरुष एथलीटों की तरह महिला एथलीट भी नेवी ब्लू कलर का ब्लेजर और ट्राउजर पहनेंगी। आईओए के सेक्रेटरी राजीव मेहता का कहना है कि यह मामला आराम का है। उन्होंने कहा, 'हमें लगता है कि लंबे समय से पहनी जा रही साड़ी महिला एथलीटों के लिए कम्फर्टेबल नहीं है। इसलिए हमने महिला एथलीटों के लिए भी ब्लेजर और ट्राउजर का इतंजाम किया है।'
बता दें कि इंटरनेशनल गेम्स की सेरेमनी में महिला एथलीटों का ड्रेस कोड हमेशा से ही एक अहम चर्चा का विषय रहा है। कई बार तो महिला एथलीटों ने खुद साड़ी के ऊपर जबरन ब्लेजर पहनाए जाने को लेकर शिकायतें दर्ज करवाई हैं। 2016 के रियो ओलंपिक में भी महिला एथलीटों ने यही ईस्ट-वेस्ट कॉम्बिनेशन ड्रेस पहना था। इसमें महिला एथलीट पीले रंग की साड़ी के ऊपर नीले रंग का ब्लेजर पहनती हैं।
ओलंपिक एसोसिएशन के इस फैसले की प्रशंसा करते हुए महिला शूटर हीना सिद्धू ने कहा, 'ब्लेजर और ट्राउजर वाकई में साड़ी से ज्यादा कम्फर्टेबल है। इसमें महिला खिलाड़ी पुरुषों की तरह ज्यादा राहत महसूस करेंगी। हालांकि अभी भी इसमें थोड़ी कमी है। ब्लेजर-ट्राउजर की जगह अगर ब्लेजर-स्कर्ट ड्रेस कोड होता तो शायद ज्यादा बेहतर होता।'