हिमा दास के छठे गोल्ड की राह में आड़े आया वीजा
-28 अगस्त को चेक रिपब्लिक में होनी है एथलेटिक मीट पांच अगस्त को समाप्त हो रही वीजा की अवधि
-नहीं बढ़ा वीजा तो हिमा समेत 24 एथलीटों को सपाला से वापस लौटना पड़ेगा
-एएफआई मानसून में होने वाली बीमारियों के चलते एथलीटों को नहीं बुलाना चाहती है वापस
-भारत वापस आने पर अगले माह लखनऊ में होने वाली इंटर स्टेट में खेलेंगे सपाला में ट्रेनिंग कर रहे एथलीट
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हिमा दास के छठे गोल्ड की राह में वीजा आड़े आ गया है। सपाला (पोलैंड) के ओलंपिक सेंटर में हिमा समेत ट्रेनिंग कर रहे 24 एथलीटों के शैनेगन वीजा की अवधि पांच अगस्त को समाप्त हो रही है, जबकि 28 अगस्त को ब्रनो (चेक रिपब्लिक) में होने वाली जोसेफ सेकर एथलेटिक मीट में हिमा और अन्य 16 एथलीटों को 400 मीटर में भाग लेना है। वीजा की अवधि अब तक नहीं बढ़ाई जा सकी है।
एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) कोशिश में लगी है कि किसी तरह एथलीटों के वीजा की अवधि बढ़ जाए और उन्हें प्राग मीट में खिलाया जा सके। अगर वीजा की अवधि नहीं बढ़ी तो सभी एथलीटों को सपाला से पांच अगस्त को वापस भारत लौटना होगा। अगले वर्ष होने वाले टोकियो ओलंपिक और 26 सितंबर से दोहा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए फेडरेशन यह किसी कीमत पर नहीं चाहती है कि हिमा और बाकी एथलीटों को वापस भारत बुलाया जाए। उसे खतरा है कि मानसून में होने वाली बीमारियां एथलीटों को चपेट में ले सकती हैं जिससे उनकी तैयारियां बेपटरी हो सकती हैं।
फिर दोहा का टिकट लखनऊ में करना होगा हासिल
सपाला में 400 मीटर हिमा समेत नौ महिलाएं, आठ पुरुष, छह जेवेलिन थ्रोअर और एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट शॉटपुटर तेजिंदर पाल सिंह तूर ट्रेनिंग कर रहे हैं। ये सभी अगर 28 अगस्त की मीट में नहीं खेलते हैं तो फिर इन्हें लखनऊ में 27 से 30 अगस्त को होने वाली इंटर स्टेट के जरिए विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करना होगा। फेडरेशन ने वीजा के लिए पोलैंड स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साध रखा है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। फेडरेशन को डर है भारत आने पर एथलीट अपने घर भी जा सकते हैं और कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं, जिससे उनकी तैयारियां प्रभावित होंगी।
कोच ने हिमा की बातचीत पर लगाई पाबंदी
हिमा इस वक्त रूसी मूल की अमेरिकी कोच गेलिना बुखारिना के संरक्षण में सपाला में ट्रेनिंग कर रही हैं। पांच गोल्ड जीतने के बाद देश में छिड़ी बहस के दौरान हिमा ने चोरी छुपे मीडिया से बात कर ली। जब इसका पता कोच को लगा तो उन्होंने हिमा की मीडिया से बातचीत पर पाबंदी लगा दी। गेलिना पहले भी अनुशासन को लेकर हिमा पर सख्त रवैया अपना चुकी हैं।
गोल्ड जीते पर स्तरीय प्रदर्शन से दूर रही हैं हिमा
एक सच्चाई यह भी है कि हिमा ने यूरोप की पांच मीट में गोल्ड जरूर जीते हैं, लेकिन वह स्तरीय प्रदर्शन से दूर रही हैं। इन मीटों में 200 मीटर में उनका सर्वश्रेष्ठ समय 23.25 सेकेंड है। उनका निजी सर्वश्रेष्ठ 23.10 सेकेंड है, जबकि विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाइंग 23.02 सेकेंड है।
इन मीटों की 200 मीटर में चार गोल्ड के बावजूद उन्होंने विश्व चैंपियनशिप केलिए क्वालिफाई नहीं किया है। 400 मीटर में भी उन्होंने 52.09 सेकेंड का समय निकाला। विश्व चैंपियनशिप केलिए क्वालिफाइंग 51.80 सेकेंड है, जबकि उनका निजी सर्वश्रेष्ठ 50.79 सेकेंड है। खास बात यह है कि जिन पांच मीट में हिमा ने गोल्ड जीते हैं उनमें से दो को अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन से मान्यता भी नहीं मिली है।