{"_id":"63abcfba438d8c3c0a6818a4","slug":"hijab-controversy-sara-khadem-of-iran-played-chess-tournament-without-hijab-became-part-of-protest-movement","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Hijab Controversy: बिना हिजाब शतरंज टूर्नामेंट खेलने उतरीं ईरान की सारा, विरोध आंदोलन का बनीं हिस्सा","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
Hijab Controversy: बिना हिजाब शतरंज टूर्नामेंट खेलने उतरीं ईरान की सारा, विरोध आंदोलन का बनीं हिस्सा
Wed, 28 Dec 2022 10:40 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 28 Dec 2022 10:40 AM IST
सार
सारा का जन्म 1997 में हुआ है। उन्हें सरसदत खादेमलशरीह के नाम से भी जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ की वेबसाइट के अनुसार 25 से 30 दिसंबर तक होने वाली प्रतियोगिता में सारा का नाम भाग लेने वाले खिलाड़ियों में शामिल है।
विज्ञापन
सारा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ईरान की एक महिला शतरंज खिलाड़ी सारा खादेम ने प्रतीकात्मक विरोध के रूप में बिना हिजाब के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है।ईरान की महिला खिलाड़ियों पर देश और विदेशों में मुकाबले के दौरान हिजाब लगाना अनिवार्य है, जबकि देश में सितंबर मध्य से जारी हिजाब विरोधी प्रदर्शन के बाद महिला खिलाड़ी भी हिजाब न पहनकर आंदोलन को समर्थन दे रही हैं।
विज्ञापन
अब इसमें सारा खादेम का नाम भी जुड़ गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार सारा खादेम ने कजाखस्तान के अल्माटी में फिडे विश्व रेपिड और बिल्ट्ज शतरंज टूर्नामेंट में बिना स्कार्फ और हिजाब के हिस्सा लिया। सारा की एक तस्वीर ईरानी एजेंसी ने पोस्ट की है जिसमें उन्होंने अपने सिर पर हेडस्कार्फ रखा है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह फोटो टूर्नामेंट के दौरान का है या पहले का है। सारा के इंस्टाग्राम पर कोई अपडेट या टिप्पणी नहीं है। समाचार एजेंसी रायटर की ओर से सारा को भेजे गए व्यक्तिगत संदेश में भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सारा का जन्म 1997 में हुआ है। उन्हें सरसदत खादेमलशरीह के नाम से भी जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ की वेबसाइट के अनुसार 25 से 30 दिसंबर तक होने वाली प्रतियोगिता में सारा का नाम भाग लेने वाले खिलाड़ियों में शामिल है।
मीडिया रिपोर्टाें के अनुसार इससे पहले अक्टूबर में, ईरानी पर्वतारोही एल्नाज रेकाबी ने बिना हेडस्कार्फ के दक्षिण कोरिया में एक मुकाबले में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उसका काफी विरोध किया गया था और उन्हें बाद में माफी मांगनी पड़ी कि अनजाने में ऐसा हो गया था। इसके अलावा तेहरान में एक टूर्नामेंट के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान ईरान की महिला तीरंदाज का हिजाब गिर गया था। कहा गया कि उन्होंने जानबूझकर हिजाब विरोधी आंदोलन के समर्थन में ऐसा किया था। ईरानी महिला शतरंज खिलाड़ी सारा खादेम की 804वीं रैंकिंग है।
क्या है हिजाब विरोधी आंदोलन
ईरान में 22 वर्षीय कुर्द युवती महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे देश में लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। महसा पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने ड्रेस कोड का उल्लंघन किया था। हाल ही में विश्वकप के दौरान ईरान फुटबाल टीम के खिलाड़ी अपने पहले मुकाबले के दौरान राष्ट्रगान के दौरान मौन रहे थे, इसे भी हिजाब विरोधी आंदोलन का समर्थन बताया गया था।
ईरान में 22 वर्षीय कुर्द युवती महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे देश में लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। महसा पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने ड्रेस कोड का उल्लंघन किया था। हाल ही में विश्वकप के दौरान ईरान फुटबाल टीम के खिलाड़ी अपने पहले मुकाबले के दौरान राष्ट्रगान के दौरान मौन रहे थे, इसे भी हिजाब विरोधी आंदोलन का समर्थन बताया गया था।