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पहलवान नरसिंह यादव जांच मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई को लताड़ा

Mon, 21 Jan 2019 11:23 PM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Mukesh Jha Updated Mon, 21 Jan 2019 11:23 PM IST
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High court raps CBI for delay in probe into Narsingh Yadav complaint over doping scandal
नरसिंह यादव

दिल्ली हाई कोर्ट ने रेसलर नरसिंह यादव की 2016 की शिकायत की जांच पूरी नहीं करने के लिए सोमवार को सीबीआई की खिंचाई की। अदालत ने निर्देश दिए कि डीआईजी रैंक के अधिकारी यह मामला देखें और रिपोर्ट पेश करें। नरसिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके भोजन में प्रतिबंधित पदार्थ मिलाए गए जिसके कारण उन पर डोपिंग के आरोप में 4 साल का प्रतिबंध लगा। 

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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने कहा कि खेल पंचाट (सीएएस) ने जब इस खिलाड़ी को डोपिंग के उल्लंघन में क्लीन चिट नहीं देने के विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के फैसले को बरकरार रखा तो उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से पूछा कि पिछले ढाई साल में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर उससे एक फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई तक जांच की स्थिति के संबंध में और उसने कैसे यह मामला आगे बढ़ाया है, को लेकर जवाब दर्ज करने के लिए कहा। 
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खेल पंचाट के फैसले से पहले राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नरसिंह को 2016 रियो ओलिंपिक में खेलने की अनुमति दे दी थी। वह पुरुषों के फ्री स्टाइल में 74 किग्रा भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए गए थे। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब से नरसिंह ने शिकायत की तब से उसने क्या किया। न्यायाधीश ने कहा, 'अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आप पिछले ढाई साल से क्या कर रहे थे। यह सीबीआई है, कोई अन्य एजेंसी नहीं।' 
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उन्होंने आगे कहा कि एजेंसी को इस मामले के इस पहलू पर गौर करना चाहिए कि विशेषकर कुश्ती और मुक्केबाजी जैसे खेलों में खिलाड़ी का करियर बहुत कम समय का होता है। न्यायमूर्ति ने कहा, 'यह केवल निजी क्षति ही नहीं होगी बल्कि यह खेलों के लिए नुकसान होगा और इससे देश को भी नुकसान होगा। खिलाड़ियों का करियर छोटा होता है। इसके अलावा इससे जुड़ी बदनामी के बारे में भी सोचें।' 


सीबीआई की तरफ से पेश वकील रिपुदमन सिंह भारद्वाज ने अदालत से कहा कि एजेंसी को खेल पंचाट पैनल के सदस्यों से पूछताछ करनी है जिन्होंने नरसिंह पर 4 साल का प्रतिबंध लगाने का अंतिम फैसला किया। इनपुट-भाषा

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