फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   General perception in Japan that organizing Tokyo Olympic Games becoming a curse for the country

टोक्यो ओलिंपिक: क्या जापान के लिए सचमुच बन गया है ‘अभिशाप’, सॉफ्ट पावर दिखाने का सपना हुआ चूर-चूर!

Wed, 24 Mar 2021 03:26 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 24 Mar 2021 03:26 PM IST
सार

अनुमान लगाया जा रहा है कि जापान को 23 अरब डॉलर का चूना लग सकता है। जापान ने टोक्यो ओलिंपिक्स के लिए बड़े पैमान पर निर्माण किए हैं। उन पर भारी खर्च आया है। लेकिन विदेशी दर्शकों के ना आने से विदेशी मुद्रा की आमद की जो आशा थी, वह अब टूट गई है...

विज्ञापन
General perception in Japan that organizing Tokyo Olympic Games becoming a curse for the country
टोक्यो ओलंपिक - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

जापान के यह एलान कर देने के बाद कि अगले ओलिंपिक खेलों में विदेशी दर्शकों को नहीं आने दिया जाएगा, जापान में ये आम धारणा बन रही है कि इन खेलों का आयोजन देश के लिए अभिशाप साबित होने जा रहा है। जापानी मीडिया में चल रही चर्चाओं में पिछले साल की गई वित्त मंत्री तारो असो की एक टिप्पणी का अब बार-बार हवाला दिया जा रहा है। असो ने कहा था कि 2020 का ओलिंपिक 'अभिशप्त' हो गया है। उस समय कोरोना महामारी का पहला दौर आया था, जिसकी वजह से ओलिंपिक खेलों को स्थगित करने का फैसला करना पड़ा।

विज्ञापन


ओलिंपिक जैसे बड़े खेल आयोजनों के साथ मेजबान देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और आर्थिक मुनाफे की आशा रहती है। लेकिन अब अनुमान लगाया जा रहा है कि जापान को 23 अरब डॉलर का चूना लग सकता है। जापान ने टोक्यो ओलिंपिक्स के लिए बड़े पैमान पर निर्माण किए हैं। उन पर भारी खर्च आया है। लेकिन विदेशी दर्शकों के ना आने से विदेशी मुद्रा की आमद की जो आशा थी, वह अब टूट गई है। आशंका यह जताई जा रही है कि कोरोना संक्रमण की हालत अगर अभी जैसी बनी रही, तो देशी दर्शक भी कम ही स्टेडियम में आएंगे। एक अंदेशा यह भी है कि बहुत से विदेशी खिलाड़ी इस टूर्नामेंट से खुद को अलग कर लें। उसका असर टीवी से हासिल होने वाले राजस्व पर पड़ेगा।
विज्ञापन


कंसाई यूनिवर्सिटी से जुड़े विशेषज्ञ कातसुहिरो मियामोतो ने एक वेबसाइट से कहा है कि अगर नुकसान 23 अरब डॉलर तक ही सीमित रहा, तो उसे राहत की बात मानी जाएगी। सबसे बुरी स्थिति तो यह हो सकती है कि जुलाई में तय ओलिंपिक्स को फिर टालना पड़े। जापान में अभी भी कोरोना संक्रमण से राहत नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब यहां चर्चा है कि जापान पहले भी एक बार ‘अभिशप्त’ ओलिंपिक्स का सामना कर चुका है। 1940 में ओलिंपिक खेल टोक्यो में होने थे। लेकिन 1939 में दूसरा विश्व युद्ध छिड़ गया, जिस कारण उन खेलों को स्थगित करना पड़ा था। दो और ऐसे मौके हुए, जब राजनीतिक विवादों के कारण ओलिंपिक खेलों की चमक चली गई थी। तत्कालीन सोवियत संघ के अफगानिस्तान में सेना भेजने के विरोध में अमेरिकी गुट के देशों ने 1980 में हुए मास्को ओलिंपिक्स का बहिष्कार कर दिया था। इसके जवाब में 1984 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर में हुए ओलिंपिक खेलों का सोवियत खेमे के देशों ने बायकाट किया था। इससे उन दोनों मौकों पर ओलिंपिक खेलों के आयोजकों को नुकसान हुआ।

जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने उम्मीद जताई है कि जुलाई तक स्थिति सुधर जाएगी और देसी दर्शक खेल देखने पहुंचेंगे। लेकिन देश में हाल में हुए जनमत सर्वेक्षणों में विशाल बहुमत ने इन खेलों के आयोजन को लेकर असहमति जताई है। एक ताजा सर्वे में 80 फीसदी लोगों ने सिर्फ देसी दर्शकों के सामने खेलों का आयोजन करने की योजना से असहमति जताई। विदेशों में भी जापान की ये योजना लोकप्रिय नहीं है। जापान प्रेस इंस्टीट्यूट की तरफ से चीन, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और फ्रांस में कराए गए एक सर्वे में 70 फीसदी से ज्यादा लोगों ने कहा कि ओलिंपिक खेलों को कम से कम एक और साल के लिए स्थगति कर दिया जाना चाहिए।


जानकारों का कहना है कि पश्चिमी देश अभी भी कोरोना महामारी का सामना कर रहे हैं। इस माहौल में वहां के लोग खेलों में दिलचस्पी लेंगे, इसकी संभावना कम है। इस कारण उन देशों में टीवी प्रसारण अधिकार खरीदने वाली कंपनियों को भारी नुकसान हो सकता है। जापानी मीडिया में छपी टिप्पणियों में कहा गया है कि ओलिंपिक खेलों का भव्य आयोजन कर जापान नी अपने सॉफ्ट पावर को दिखाने की जो मंशा संजोई थी, वह अब पूरी नहीं हो सकती है। दुनिया में अभी कोई ऐसे पावर को देखने के मूड में नहीं है। ऐसे में अगर खेल होते भी हैं, तब भी ये आयोजन पड़ चुके अभिशाप के साये से नहीं उबर पाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed