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इधर फाइनल से बाहर हुए उधर माता-पिता अस्पताल में हुए दाखिल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 07 Jul 2016 05:04 PM IST
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गगन नारंग
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लंदन ओलंपिक मेडलिस्ट गगन नारंग चौथी बार ओलंपिक में देश के लिए दावेदारी पेश करने जा रहे हैं, लेकिन बीजिंग ओलंपिक में एक चूक के चलते फाइनल में नहीं पहुंच पाने का दर्द आज भी उन्हें सोने नहीं देता है।
यह दर्द इस लिए नहीं था कि उनके हाथ से ओलंपिक पदक निकल गया था। इसकी वजह थी गगन की चूक उनके माता-पिता को भारी पड़ थी। माता-पिता को बेटे के फाइनल में नहीं पहुंचने का इतना दुख था कि दोनों गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। अंत में गगन को दोनों को अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा।
गगन नारंग ने बुधवार को यह खुलासा पत्रकार दिग्विजय सिंह देव और अमित बोस की किताब माई ओलंपिक जर्नी के मौके पर किया। गगन के मुताबिक वह फाइनल में पहुंचने के कगार पर थे, लेकिन अंतिम निशाना 8.9 पर जा लगा और वह काउंट बैक में फाइनल में पहुंचने से रह गए।
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उन्होंने अपने को समझा लिया कि मेडल नहीं मिला तो कोई बात नहीं, लेकिन माता-पिता ने इस दिल पर लगा लिया। तब उन्हें समझ में आया कि ओलंपिक की यात्रा सिर्फ अकेले की नहीं होती है जो आपसे जुड़े होते हैं वह भी पूर्ण रूप से साथ होते हैं। यही कारण है कि जब उन्होंने लंदन ओलंपिक में पदक जीता तो खुशी के मारे हवा में मुठ्ठियां भीच लीं।
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यह दर्द इस लिए नहीं था कि उनके हाथ से ओलंपिक पदक निकल गया था। इसकी वजह थी गगन की चूक उनके माता-पिता को भारी पड़ थी। माता-पिता को बेटे के फाइनल में नहीं पहुंचने का इतना दुख था कि दोनों गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। अंत में गगन को दोनों को अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा।
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गगन नारंग ने बुधवार को यह खुलासा पत्रकार दिग्विजय सिंह देव और अमित बोस की किताब माई ओलंपिक जर्नी के मौके पर किया। गगन के मुताबिक वह फाइनल में पहुंचने के कगार पर थे, लेकिन अंतिम निशाना 8.9 पर जा लगा और वह काउंट बैक में फाइनल में पहुंचने से रह गए।
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उन्होंने अपने को समझा लिया कि मेडल नहीं मिला तो कोई बात नहीं, लेकिन माता-पिता ने इस दिल पर लगा लिया। तब उन्हें समझ में आया कि ओलंपिक की यात्रा सिर्फ अकेले की नहीं होती है जो आपसे जुड़े होते हैं वह भी पूर्ण रूप से साथ होते हैं। यही कारण है कि जब उन्होंने लंदन ओलंपिक में पदक जीता तो खुशी के मारे हवा में मुठ्ठियां भीच लीं।
जब हॉल में सिर्फ दो लोगों ने अकेले देखी पिक्चर
गगन नारंग
निशानेबाज मानवजीत संधू ने बड़े ही रोचक किस्से का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अगले दिन इवेंट होने के कारण उन्हें और अभिनव बिंद्रा को लंदन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में भाग नहीं लेना था।
शाम को उन्होंने बिंद्रा से कहा कि चलो पिक्चर देखने चलते हैं। दोनों ने हॉल में जब पिक्चर का टिकट मांगा तो वहां के कर्मी भड़क गए। उन्होंने कहा कि एक ओर उद्घाटन समारोह चल रहा है ऐसे में आप लोग अनोखे हैं जो पिक्चर देखने आए हैं। उनकी वजह से उन्हें ड्यूटी करनी पड़ेगी। इसके बाद दोनों ने हॉल में पिक्चर देखी।
खास बात यह थी कि हॉल में सिर्फ वही दोनों मौजूद थे।
शाम को उन्होंने बिंद्रा से कहा कि चलो पिक्चर देखने चलते हैं। दोनों ने हॉल में जब पिक्चर का टिकट मांगा तो वहां के कर्मी भड़क गए। उन्होंने कहा कि एक ओर उद्घाटन समारोह चल रहा है ऐसे में आप लोग अनोखे हैं जो पिक्चर देखने आए हैं। उनकी वजह से उन्हें ड्यूटी करनी पड़ेगी। इसके बाद दोनों ने हॉल में पिक्चर देखी।
खास बात यह थी कि हॉल में सिर्फ वही दोनों मौजूद थे।