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इस छोटे से देश ने रचा इतिहास, 60 साल में जीता पहला पदक वह भी गोल्ड

Fri, 12 Aug 2016 04:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 12 Aug 2016 04:33 PM IST
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Fiji Celebrates Golden' Day After Historic Win
- फोटो : Getty

भारत का जहां रियो में पहला पदक जीतने का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है तो वहीं एक बेहद छोटे से देश ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाते हुए खाता खोल दिया है।

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यह छोटा सा देश है फिजी जिसने ओलंपिक में पहला पदक जीतने के लिए 60 साल का लंबा इंतजार किया जो रियो में जाकर पूरा हुआ। दक्षिणी प्रशांत महासागर के इस छोटे से देश ने ओलंपिक में पहला पदक 60 साल बाद जीता और वह भी स्वर्ण पदक के साथ।
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फिजी की इस स्वर्णिम सफलता के बाद देशवासियों को जश्न मनाने के लिए राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया गया। जीत के बाद देशवासी जश्न मनाने के लिए सड़कों पर आ गए और राष्ट्रीय झंडे के साथ जमकर जश्न मनाया।
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फिजी ने यह स्वर्ण पदक रग्बी सेवंस में जीता। फाइनल में उसने ग्रेट ब्रिटेन को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ ही उनके देश में जोरदार आतिशबाजी के साथ जश्न शुरू हो गया। राजधानी सुवा में फाइनल मैच देखने के लिए बिग स्क्रीन तक लगाई गई थी और उसे कवर करने पहुंचे एक फोटोग्राफर ने जीत के बाद कहा, "यह फिजी इतिहास में बहुत बड़ा दिन है। हर कोई जश्न मना रहा है। हर कोई जीत पर चिल्ला रहा था और आंखों में आंसू भी थे।" खास बात यह है कि भारत की तरह फिजी ने भी अब तक का अपना सबसे बड़ा दल (52 खिलाड़ी) भेजा है।

फिजी ने खिताबी मैच में शुरुआती 55 सेकंड में बढ़त बना ली थी। पहले हॉफ तक टीम ने 29-0 की बढ़त बनाए रखी और फिर मैच को 43-7 से जीत लिया।

टीम के स्वागत के लिए 22 को कर दी गई सार्वजनिक अवकाश

Fiji Celebrates Golden' Day After Historic Win
फिजी के प्रधानमंत्री वोर्गे बैनीमारमा जो फाइनल मैच देखने के लिए खुद रियो में मौजूद थे ने 22 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है क्योंकि इसी दिन फिजी की टीम वापस स्वदेश लौटेगी और आम जनता इस चैंपियन टीम का जोरदार अंदाज में स्वागत कर सके।

फिजी ने ओलंपिक गेम्स में पहली बार 1956 में भाग लिया था और इसके बाद से उसने 12 बार ग्रीष्मकालीन ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लिया था, लेकिन इस दौरान उसके एथलीट एक भी पदक देश के लिए नहीं जीत सके थे।

इस बेहद छोटे से देश ने ओलंपिक में पहला पदक जीतने के लिए 60 सालों का लंबा इंतजार करना पड़ा और जब उसका इंतजार पूरा हुआ तो स्वर्म पदक के साथ। फिजी से ज्यादातर खिलाड़ी एथलेटिक्स, जूडो, शूटिंग, तैराकी, भारोत्तोलन और रग्बी सेवंस में हिस्सा लेते रहे हैं।   

48 साल बाद ऑस्ट्रेलिया ने 100 मीटर फ्रीस्टाइल में जीता गोल्ड

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रियो ओलंपिक - फोटो : rio2016.com

ऑस्ट्रेलिया के युवा तैराक काइल चाल्मर्स ने 48 साल के बाद अपने देश को 100 मीटर फ्रीस्टाइल का स्वर्ण पदक दिला दिया है। 18 साल के तैराक ने 47.58 सेेकेंड के जूनियर विश्व रिकॉर्ड के साथ यह उपलब्धि हासिल की।

बेल्जियम के पीटर टिमर्स (47.80) ने रजत पदक और लंदन ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता अमेरिका के नाथन एड्रियन (47.85) को कांस्य पदक मिला। जबकि ऑस्ट्रेलिया के स्टार कैमरून मैक्इवाय 48.12 सेकेंड के साथ सातवें स्थान पर पिछड़ गए।

इससे पहले 1968 में माइक वेनडेन ने ऑस्ट्रेलिया को 100 मीटर फ्री स्टाइल का स्वर्ण पदक दिलाया था। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के तीन तैराक मार्क स्टॉकवेल (1984), एमोन सुलिवान (2008) और जेम्स मैगनुसेन (2012) रजत पदक जीतने में जरूर सफल रहे हैं।  

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