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कार्तिक की पत्नी का कमाल, बनीं नेशनल चैंपियन
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 18 Jul 2016 01:16 PM IST
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- फोटो : getty
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73वें सीनियर नेशनल स्क्वैश चैंपियनशिप के आगाज से ही खेल प्रेमियों को महिलाओं के फाइनल मैच का बेसब्री से इंतजार था। बांद्रा, मुंबई में हो रही इस चैंपियनशिप में दर्शको को फाइनल में एक ब्लॉकबस्टर देखने को मिला।
दिनेश कार्तिक की पत्नी दीपिका पल्लिकल के लिए मैदान में वापसी काफी शानदार रही। वर्ल्ड नंबर 19 और टूर्नामेंट में दूसरी सीड पल्लिकल ने 14 बार की चैंपियन और टॉप सीड जोश्ना चिनप्पा को हरा कर खिताब अपने नाम किया। 2011 में पहली बार खिताब जीतने के बाद पल्लिकल ने डॉमेस्टिक स्क्वैश से दूर रही। इस साल पल्लिकल की वापसी बेहतरीन रही और उन्होंने चिनप्पा को आसानी से हरा दिया।
शुरुआत में पिछड़ने के बाद डिफेंडिंग चैंपियन चिनप्पा ने वापसी करने की कड़ी कोशिश की, मगर 43 मिनट के खेल में दीपिका ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।
पूर्व वर्ल्ड नंबर 10 के लिए यह जीत और भी खास हो जाती है। फरवरी 2015 के बाद से उन्होंने कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था।
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दिनेश कार्तिक की पत्नी दीपिका पल्लिकल के लिए मैदान में वापसी काफी शानदार रही। वर्ल्ड नंबर 19 और टूर्नामेंट में दूसरी सीड पल्लिकल ने 14 बार की चैंपियन और टॉप सीड जोश्ना चिनप्पा को हरा कर खिताब अपने नाम किया। 2011 में पहली बार खिताब जीतने के बाद पल्लिकल ने डॉमेस्टिक स्क्वैश से दूर रही। इस साल पल्लिकल की वापसी बेहतरीन रही और उन्होंने चिनप्पा को आसानी से हरा दिया।
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शुरुआत में पिछड़ने के बाद डिफेंडिंग चैंपियन चिनप्पा ने वापसी करने की कड़ी कोशिश की, मगर 43 मिनट के खेल में दीपिका ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।
पूर्व वर्ल्ड नंबर 10 के लिए यह जीत और भी खास हो जाती है। फरवरी 2015 के बाद से उन्होंने कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था।
पुरुषों में सौरव घोषल ने रचा इतिहास
वहीं दूसरी तरफ पुरुष वर्ग में 10 बार के चैंपियन सौरव घोषल ने पैर की चोट से वापसी करते हुए फाइनल जीत कर 11वीं बार खिताब अपने नाम किया। वर्ल्ड नंबर 17 घोषल को 2014 के विजेता हरिंदरपाल सिंह संधू ने कड़ी टक्कर दी। मगर 88 मिनट के इस मैराथन मैच का नतीजा घोषल के पक्ष में आया।
घोषल ने 11-7, 7-11, 3-11, 11-8, 14-12 से इस रोमांचक मैच को जीता। इस जीत के साथ ही सौरव घोषल का नाम इतिहास में दर्ज हो गया है। कोलकाता के इस खिलाड़ी ने आरके नरपत सिंह के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। नरपत सिंह ने 1946 से 1955 के बीच 10 बार खिताब अपने नाम किया था। सौरव ने 11वीं बार खिताब जीत कर इतिहास रच दिया।
घोषल ने 11-7, 7-11, 3-11, 11-8, 14-12 से इस रोमांचक मैच को जीता। इस जीत के साथ ही सौरव घोषल का नाम इतिहास में दर्ज हो गया है। कोलकाता के इस खिलाड़ी ने आरके नरपत सिंह के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। नरपत सिंह ने 1946 से 1955 के बीच 10 बार खिताब अपने नाम किया था। सौरव ने 11वीं बार खिताब जीत कर इतिहास रच दिया।