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भारतीय खिलाड़ियों को चाहिए दाल, रोटी और सब्जी, आयोजकों ने कहा, ओके
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 08 May 2016 08:28 PM IST
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मेन्यू के हिसाब से मिलेगा खाना
- फोटो : Demo
भारत ने अपने खिलाड़ियों के लिए दाल, रोटी और सब्जी की मांग की थी जिसे आयोजकों ने स्वीकार भी कर लिया है। इन व्यंजनों की मांग हुई है इस साल रियो ओलंपिक खेल के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के लिए।
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रोटी के साथ दाल हो और शाकाहारी सब्जी का साथ, किसी भारतीय को विदेश में यह तीनों व्यंजन मिल जाएं तो कहने ही क्या। रियो ओलंपिक आयोजन समिति ने इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से जब पूछा कि उनके खिलाड़ियों को ओलंपिक गेम्स की डाइनिंग के मेन्यू में कौन से भारतीय व्यंजन चाहिए हैं।
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तो आईओए का सीधा जवाब यही था उनकी ओर से जो मर्जी भारतीय व्यंजन डाइनिंग में रखे जाएं, लेकिन दाल के साथ रोटी और एक शाकाहारी सब्जी हर हाल में होनी चाहिए। भारतीय खिलाड़ियों को खाने में अगर यह तीनों व्यंजन मिल जाएंगे तो उन्हें किसी तरह की शिकायत नहीं रहेगी।
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ओलंपिक गेम्स आयोजन समिति आईओए के इस मेन्यू पर गंभीरता से विचार कर रही है। भारतीय खिलाड़ियों के लिए आईओए की ओर से दाल, रोटी और सब्जी की डिमांड ठीक उसी तरह की गई है जिस तरह किसी भी ओलंपिक में मुसलिम देशों के खिलाड़ियों के लिए हलाल मीट का इंतजाम अलग से किया जाता है। गेम्स की डाइनिंग में बाकायदा हलाल मीट लिखा होता है।
भारतीय तीरंदाज अपने साथ ले जाएंगे मसाले और पापड़
फूड
रियो में जाने वाले भारतीय दल के चेफ डि मिशन राकेश गुप्ता का कहना है कि जब मुसिलम खिलाड़ियों के लिए हलाल मीट उपलब्ध कराया जा सकता है तो भारतीय खिलाड़ियों के लिए दाल, रोटी और सब्जी क्यों नहीं? वह इस संबंध में लगातार पत्राचार कर आयोजनकर्ताओं पर दबाव बनाए हुए हैं।
दरअसल आईओए ने काफी पहले रियो आयोजन समिति को ओलंपिक की डाइनिंग में भारतीय खाने की व्यवस्था करने की गुजारिश की थी। आयोजन समिति ने आईओए की प्रार्थना को स्वीकार करते हुए उनसे भारतीय व्यंजनों मेन्यू मांगा था। इसी के जवाब में आईओए ने दाल, रोटी, सब्जी अनिवार्य रूप से परोसने को कहा है। इसके अलवा वह अपनी मर्जी से भारतीय व्यंजन परोस सकते हैं।
रियो प्रवास के दौरान तीरंदाजों को गेम्स विलेज में रहना नहीं है। तीरंदाजों के ठहरने की व्यवस्था स्टेडियम के नजदीक होटल में की गई है। यहीं आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने तीरंदाजों के लिए भारतीय खाने की व्यवस्था कर ली है। फेडरेशन ने वहां एक भारतीय रसोईये को ढूंढ लिया है।
उसने भारतीय खाना परोसा जाना स्वीकार कर लिया है, लेकिन इसकेलिए भारतीय मसाले तीरंदाजों को साथ लाने होंगे। एएआई के ट्रेजरॉर वीरेंद्र सचदेवा खुलासा करते हैं कि यही कारण है कि प्रत्येक तीरंदाज अपने साथ भारतीय मसाले और पापड़ साथ लेकर जाएंगे, जिससे उन्हें रियो में भारतीय खाने के स्वाद का पूरा आनंद उठाने का मौका मिलेगा।
दरअसल आईओए ने काफी पहले रियो आयोजन समिति को ओलंपिक की डाइनिंग में भारतीय खाने की व्यवस्था करने की गुजारिश की थी। आयोजन समिति ने आईओए की प्रार्थना को स्वीकार करते हुए उनसे भारतीय व्यंजनों मेन्यू मांगा था। इसी के जवाब में आईओए ने दाल, रोटी, सब्जी अनिवार्य रूप से परोसने को कहा है। इसके अलवा वह अपनी मर्जी से भारतीय व्यंजन परोस सकते हैं।
रियो प्रवास के दौरान तीरंदाजों को गेम्स विलेज में रहना नहीं है। तीरंदाजों के ठहरने की व्यवस्था स्टेडियम के नजदीक होटल में की गई है। यहीं आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने तीरंदाजों के लिए भारतीय खाने की व्यवस्था कर ली है। फेडरेशन ने वहां एक भारतीय रसोईये को ढूंढ लिया है।
उसने भारतीय खाना परोसा जाना स्वीकार कर लिया है, लेकिन इसकेलिए भारतीय मसाले तीरंदाजों को साथ लाने होंगे। एएआई के ट्रेजरॉर वीरेंद्र सचदेवा खुलासा करते हैं कि यही कारण है कि प्रत्येक तीरंदाज अपने साथ भारतीय मसाले और पापड़ साथ लेकर जाएंगे, जिससे उन्हें रियो में भारतीय खाने के स्वाद का पूरा आनंद उठाने का मौका मिलेगा।