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कोरोना का प्रभाव: टोक्यो ओलंपिक के लिए फिर चयन प्रक्रिया से गुजरेंगे तीरंदाज
Thu, 16 Apr 2020 06:03 AM IST
संजीव कुमार झा
हेमंत रस्तोगी,अमर उजाला
हेमंत रस्तोगी,अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 16 Apr 2020 06:03 AM IST
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tokyo olympic
टोक्यो ओलंपिक की टीम में जगह बनाने से एक कदम दूर खड़े देश के शीर्ष तीरंदाज अतानु दास, तरुणदीप रॉय, दीपिका कुमारी, बोंबाइला देवी और प्रवीण जाधव को एक बार फिर चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) ने दोबारा ट्रायल कराने के संकेत दिए हैं। वहीं ओलंपिक कोटा दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले तरुणदीप रॉय ने खुद दोबारा ट्रायल कराने की मांग की है।
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उनका कहना है कि यह फैसला सीनियरों के हक में रहेगा और जूनियरों के साथ अन्याय भी नहीं होगा। टोक्यो के लिए देश के शीर्ष आठ तीरंदाजों का चयन ट्रायल के जरिए हो चुका है। शीर्ष तीन तीरंदाजों को ओलंपिक टिकट मिलना है। पर ओलंपिक एक साल आगे खिसकने से एएआई को दोबारा ट्रायल की योजना बनानी पड़ रही है।
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एएआई ने अभी तय नहीं किया है कि चयन प्रक्रिया ओपन ट्रायल से शुरू की जाए या फिर शीर्ष आठ तीरंदाजों को छूट देकर नीचे से ट्रायल शुरू कराया जाए। एएआई के सेक्रेटरी जनरल प्रमोद चंद्रूकर ने कहा कि कुछ भी दोबारा ट्रायल कराना पड़ेगा। अगर ओपन ट्रायल भी होता है तो सीनियरों को पीछे नहीं हटना चाहिए।
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जूनियरों को भी मिले मौका : एशियाई खेलों में देश को पहला व्यक्तिगत पदक दिलाने वाले तरुणदीप कहते हैं कि दोबारा ट्रायल कराने से जूनियर तीरंदाजों का हक नहीं मारा जाएगा। वह खुद शीर्ष तीन तीरंदाजों में शामिल हैं, लेकिन उनका मानना है कि डेढ़ साल तक शीर्ष आठ को बरकरार रखना ठीक नहीं होगा। इससे खुद इनके प्रदर्शन में गिरावट आएगी। दोबारा ट्रायल होने से उन्हें तैयारियां करनी पड़ेंगी जो हमारे हित में होगा।