फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Coaches of medal winners in Jakarta Asian Games didn't receive cash award till now

जकार्ता एशियाई खेलों के पदक विजेताओं के कोच को अब तक नहीं मिला कैश अवार्ड

Tue, 10 Dec 2019 08:15 AM IST
Rajeev Rai हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला Published by: Rajeev Rai Updated Tue, 10 Dec 2019 08:15 AM IST
विज्ञापन
Coaches of medal winners in Jakarta Asian Games didn't receive cash award till now
एशियन गेम्स 2018

खेल मंत्रालय की ओर से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाडिय़ों को आते ही कैश अवार्ड दिए जाने की व्यवस्था है, लेकिन इन खिलाडिय़ों को पदक विजेता बनाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले उनके कोच अब तक पुरस्कार राशि महरूम हैं। जकार्ता एशियाई खेलों और ब्यूनस आयर्स यूथ ओलंपिक के पदक विजेताओं के प्रशिक्षकों को मंत्रालय की ओर से अब तक उनका कैश अवार्ड नहीं दिया गया है। इन आयोजनों के अलावा पिछले कुछ वर्षों में कई खेलों में आयोजित विश्व, एशियाई और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के पदक विजेताओं के प्रशिक्षकों का कैश अवार्ड उनसे दूर है।

विज्ञापन


जकार्ता में भारत ने 15 स्वर्ण सहित 69 और यूथ ओलंपिक में तीन स्वर्ण सहित 13 पदक जीते थे। इन सभी पदक विजेताओं को मंत्रालय ने हाथों हाथ लिया, लेकिन इनके प्रशिक्षकों का नंबर आज तक नहीं आ पाया। जिन पदक विजेताओं के प्रशिक्षकों को कैश अवार्ड नहीं मिला है उनमें हिमा दास, दुती चंद, तेजिंदर पाल सिंह तूर, अरपिंदर सिंह, जिंसन जॉनसन, मंजीत सिंह, मीराबाई चानू, तीरंदाज अभिषेक वर्मा सहित कई नामी खिलाडिय़ों का नाम शामिल है।

विज्ञापन

पॉलिसी में है कोच को कैश अवार्ड देने की व्यवस्था

मंत्रालय की कैश अवार्ड पॉलिसी में पदक विजेताओं के कोच को कैश अवार्ड दिए जाने की व्यवस्था है। एशियाई और कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं को 30 (स्वर्ण), 20 (रजत), 10 (कांस्य) लाख रुपये मिलते हैं। पदक विजेता के कैश अवार्ड का 50 प्रतिशत कोच को मिलता है। इसमें 30-30 प्रतिशत खिलाड़ी को निखारने और विकसित करने वाले कोच के लिए है, जबकि 40 प्रतिशत बीते दो वर्ष में (180 दिन) नेशनल कैंप में रहकर कोचिंग देने वाले के लिए निर्धारित हैं। 

विज्ञापन

विवादों के चलते मंत्रालय को आती है दिक्कत

कोच के कैश अवार्ड में मंत्रालय को विवादों का सामना करना पड़ता है। खिलाड़ी जिस कोच का नाम कैश अवार्ड के लिए प्रस्तावित करते हैं वे कई बार पॉलिसी पर खरे नहीं उतरते हैं, जिसके चलते उनका कैश अवार्ड रोक दिया जाता  है, लेकिन यहां उन कोचेज का भी कैश अवार्ड रुका है जिन पर किसी तरह का कोई विवाद नहीं है।

विज्ञापन

मीरा और तीरंदाजों को भी नहीं मिला कैश अवार्ड

मीराबाई चानू को विश्व चैंपियन बने हुए दो साल हो गए हैं, लेकिन उनका 10 लाख रुपये का कैश अवार्ड अब तक नहीं मिला है। यही नहीं आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रतिबंधित होने का खामियाजा तीरंदाजों को भुगतना पड़ रहा है। सभी खेलों में पदक विजेताओं को देश आते ही कैश अवार्ड दिया जा रहा है, लेकिन तीरंदाजों को ओलंपिक क्वालिफिकेशन के पिछले दो टूर्नामेंटों का अब तक कोई कैश अवार्ड नहीं दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed