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Chess: ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने विश्व चैंपियन बन बचपन का सपना हकीकत में बदला, इनाम में मिले इतने करोड़ रुपये
Fri, 13 Dec 2024 08:50 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 13 Dec 2024 08:50 AM IST
सार
आनंद के बाद यह खिताब जीतने वाले गुकेश दूसरे भारतीय हैं। आनंद ने अपने करियर में पांच बार यह प्रतिष्ठित खिताब जीता। संयोग से 55 वर्षीय आनंद ने चेन्नई में अपनी शतरंज अकादमी में गुकेश को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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डी गुकेश
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने गुरुवार को उतार-चढ़ाव से भरे खिताबी मुकाबले की रोमांचक 14वीं और आखिरी बाजी में गत चैंपियन चीन के डिंग लिरेन को हराकर 18 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन बने। उनकी यह जीत देश के शतरंज खिलाड़ियों के लिए प्रभुत्व के एक नए युग की शुरुआत करेगी और महान विश्वनाथन आनंद की बेजोड़ विरासत को आगे ले जाएगी।
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आनंद के बाद गुकेश दूसरे भारतीय
डी गुकेश जीतने के बाद भावुक हो गए
- फोटो : PTI
आनंद के बाद यह खिताब जीतने वाले गुकेश दूसरे भारतीय हैं। आनंद ने अपने करियर में पांच बार यह प्रतिष्ठित खिताब जीता। संयोग से 55 वर्षीय आनंद ने चेन्नई में अपनी शतरंज अकादमी में गुकेश को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुकेश ने 14 बाजी के इस मुकाबले की आखिरी क्लासिकल बाजी जीतकर खिताब जीतने के लिए जरूरी 7.5 अंक जुटाए, जबकि लिरेन के नाम 6.5 अंक रहे। यह बाजी हालांकि अधिकांश समय ड्रॉ की ओर जाती दिख रही थी। खिताब जीतने के लिए गुकेश को 25 लाख डॉलर (21 करोड़ रुपये) की इनामी राशि में से 13 लाख डॉलर यानी 11.03 करोड़ रुपये मिले।
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दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए 14 गेमों के नतीजे
डी गुकेश जीतने के बाद भावुक हो गए
- फोटो : PTI
| गेम | तारीख | नतीजा |
|---|---|---|
| पहला | 25 नवंबर | लिरेन जीते |
| दूसरा | 26 नवंबर | ड्रॉ |
| तीसरा | 27 नवंबर | गुकेश जीते |
| चौथा | 29 नवंबर | ड्रॉ |
| पांचवां | 30 नवंबर | ड्रॉ |
| छठा | 1 दिसंबर | ड्रॉ |
| सातवां | 3 दिसंबर | ड्रॉ |
| आठवां | 4 दिसंबर | ड्रॉ |
| नौवां | 5 दिसंबर | ड्रॉ |
| 10वां | 7 दिसंबर | ड्रॉ |
| 11वां | 8 दिसंबर | गुकेश जीते |
| 12वां | 9 दिसंबर | लिरेन जीते |
| 13वां | 11 दिसंबर | ड्रॉ |
| 14वां | 12 दिसंबर | गुकेश जीते |
गुकेश ने जीत दर्ज करने के बाद क्या कहा?
डी गुकेश
- फोटो : PTI
चेन्नई के गुकेश ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद कहा, 'मैं पिछले 10 वर्षों से इस पल का सपना देख रहा था। मुझे खुशी है कि मैंने इस सपने को हकीकत में बदला। मैं थोड़ा भावुक हो गया था क्योंकि मुझे जीत की उम्मीद नहीं थी। लेकिन फिर मुझे आगे बढ़ने का मौका मिला।' जीत के बाद मितभाषी किशोर गुकेश के चेहरे पर बड़ी मुस्कान देखी जा सकती थी और उन्होंने जश्न में अपनी बाहें ऊपर उठाईं।
विश्लेषकों ने टाई ब्रेकर में मैच के जाने की उम्मीद जताई थी
डी गुकेश
- फोटो : PTI
गुरुवार को भी कई विश्लेषकों ने मैच के टाईब्रेकर में जाने की पूरी संभावना जता दी थी, लेकिन गुकेश धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत कर रहे थे। यह लिरेन की एकाग्रता में क्षणिक चूक थी जिससे ड्रॉ की ओर बढ़ रही बाजी का नतीजा निकला और जब ऐसा हुआ तो पूरा शतरंज जगत हैरान हो गया। खिलाड़ियों के पास बस एक रूक (हाथी) और एक बिशप (ऊंट) बचा था जिसे उन्होंने एक दूसरे को गंवाया। अंत में गुकेश के दो प्यादों के मुकाबले लिरेन के पास सिर्फ एक प्यादा बचा था और चीन के खिलाड़ी ने हार मानकर खिताब भारतीय खिलाड़ी की झोली में डाल दिया।
लिरेन को यह गलती पड़ी भारी
लिरेन और डी गुकेश
- फोटो : PTI
लिरेन ने 55वीं चाल में गलती की जब उन्होंने हाथी की अदला बदली की और गुकेश ने तुरंत इसका फायदा उठाया और अगली तीन बाजी में मुकाबला खत्म हो गया। गुरुवार को गुकेश की खिताबी जीत से पहले रूस के दिग्गज गैरी कास्पारोव सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन थे जिन्होंने 1985 में अनातोली कार्पोव को हराकर 22 साल की उम्र में खिताब जीता था। गुकेश इस साल की शुरुआत में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने के बाद विश्व खिताब के लिए चुनौती पेश करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे।
आनंद 2013 में कार्लसन से हार गए थे
डी गुकेश भावुक
- फोटो : PTI
गुकेश दिग्गज विश्वनाथन आनंद के बाद वैश्विक खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं। पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद ने 2013 में मैग्नस कार्लसन को विश्व खिताब गंवा दिया था। गुकेश ने कहा, 'हर शतरंज खिलाड़ी इस सपने को जीना चाहता है। मैं अपना सपना जी रहा हूं।' गुकेश ने चार घंटे में 58 चाल के बाद लिरेन के खिलाफ 14वीं बाजी जीती और कुल मिलाकर 18वें विश्व शतरंज चैंपियन बने। यदि गुरुवार की बाजी भी ड्रॉ रहती तो विजेता का फैसला शुक्रवार को कम अवधि के टाईब्रेक में होता। गुकेश ने गुरुवार को निर्णायक बाजी से पूर्व तीसरे और 11वें दौर में जीत हासिल की थी, जबकि 32 वर्षीय लिरेन ने शुरुआती बाजी के अलावा 12वीं बाजी अपने नाम की थी। अन्य सभी बाजियां ड्रॉ रही।