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Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Chess: China's Yifan became a Grandmaster in 14 years, know the story of her struggle and success

Chess: 14 साल में ग्रैंडमास्टर बन गई थीं चीन की यिफान, जानें उनके संघर्ष और कामयाबी की कहानी

Tue, 27 Feb 2024 01:05 PM IST
स्वप्निल शशांक प्रवीण थिप्से, अमर उजाला, नई दिल्ली
प्रवीण थिप्से, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Tue, 27 Feb 2024 01:05 PM IST
सार

होउ यिफान का जन्म 27 फरवरी 1994 को हुआ। उनकी मां वांग कियान एक नर्स और पिता होउ जूजियान शिन्हुआ में मजिस्ट्रेट रहे। यिफान ने तीन साल की उम्र में शतरंज शुरू किया और कुछ ही हफ्तों में पिता और दादी को हराना शुरू कर दिया।

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Chess: China's Yifan became a Grandmaster in 14 years, know the story of her struggle and success
यिफान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मारी शृंखला इस तारीख को जन्मे विश्व चैपियन के तहत आज बात शतरंज की उस हस्ती की जिसने पूर्व चैंपियनों के लगभग सभी कीर्तिमान तोड़े। विलक्षण रूप से प्रतिभाशाली एक ऐसी खिलाड़ी जिसने विभिन्न श्रेणियों में महिला विश्व चैंपियनशिप जीती। मैं किसी और की नहीं बल्कि चीन की होउ यिफान की बात कर रहा हूं।
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होउ यिफान का जन्म 27 फरवरी 1994 को हुआ। उनकी मां वांग कियान एक नर्स और पिता होउ जूजियान शिन्हुआ में मजिस्ट्रेट रहे। यिफान ने तीन साल की उम्र में शतरंज शुरू किया और कुछ ही हफ्तों में पिता और दादी को हराना शुरू कर दिया। पांच साल में तो टूर्नामेंट खेलने लगी थीं। उन्होंने 2003 में चीन की महिला और पुरुष टीम के कोच ग्रैंडमास्टर यि जियांग चुयान के साथ मैच खेला और उनकी हर कमजोर चाल को वह भांपने में सफल रहीं।
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उसी साल दस साल से कम आयुवर्ग की विश्व यूथ चैंपियनशिप में पहला स्थान हासिल किया। बारह साल की उम्र में होउ महिला विश्व चैंपियनशिप (येकेटेरिनबर्ग 2006) और चेस ओलंपियाड (टोरिनो 2006) में हिस्सा लेने वालीं सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। उन्होंने जनवरी 2007 में महिला ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया और अगस्त 2008 में 14 साल, छह महीने और 16 दिन में ग्रैंडमास्टर बनकर दिग्गज जूडिथ पोल्गर का रिकॉर्ड तोड़ा।
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2010 में यिफान ने तुर्की में महिला विश्व चैंपियनशिप जीती और 16 साल की उम्र में ऐसा करने वालीं सबसे युवा बनीं। उसके बाद अगली तीन चैंपियनशिप भी जीती। होउ शतरंज ही नहीं , शिक्षा में भी पीछे नहीं रहीं। 2012 में पेकिंग यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई की। सेंट हिल्डा कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री ली।  वर्ष 2020 से वह शेनझेन यूनिवर्सिटीज में प्रोफेसर बन गईं। वह 2015 से सक्रिय खिलाड़ियों में सर्वाधिक रेटिड खिलाड़ी हैं। वह अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी विश्व महिला चैंपियन जू वेनजून से 73 अंक आगे हैं।
(लेखक अर्जुन अवॉर्डी और अंतरराष्ट्रीय शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं)
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