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कैंडिडेट्स शतरंज: गुकेश और प्रगनानंदा का अब तक का सफर रहा शानदार, आनंद भी दोनों के प्रदर्शन से हुए प्रभावित
Wed, 10 Apr 2024 09:10 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोरंटो।
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोरंटो।
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 10 Apr 2024 09:10 AM IST
सार
प्रगनानंदा के साथ टूर्नामेंट में उनकी मां नागलक्ष्मी भी आई हुई हैं। प्रगनानंदा कहते हैं कि आपके साथ कमरे में किसी का होना महत्वपूर्ण है। यह उस वक्त और महत्वपूर्ण हो जाता है जब आप हारते हैं। मैं उनके सहयोग के लिए उनका आभारी हूं।
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प्रगनानंदा और गुकेश
- फोटो : International Chess Federation/Twitter X/@DGukesh
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विस्तार
भारतीय दिग्गज विश्वनाथन आनंद का मानना है कि कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट के पहले विश्राम दिवस तक भारतीय खिलाड़ी डी गुकेश और आर प्रगनानंदा ने शुरुआती तूफान का सामना आश्चर्यजनक रूप से बेहतर ढंग से किया है। टूर्नामेंट से पहले भारतीय खिलाड़ी दावेदार नहीं माने जा रहे थे, लेकिन गुकेश (2.5) और प्रगनानंदा (2) ने अब तक टूर्नामेंट में अपनी पकड़ बनाए रखी है। हालांकि, नाकामुरा को हराकर दावेदार बने विदित गुजराती (1.5) के बारे में ऐसा नहीं है। वह लगातार दो हार के बाद पिछड़ गए हैं।
प्रगनानंदा के साथ मौजूद हैं उनकी मां
पिछले दो बार के कैंडिडेट्स विजेता फिडे के झंडे तले खेल रहे रूस के नेपोमिनयाच्ची चार दौर के बाद तीन अंक लेकर बढ़त पर हैं। अभी 10 दौर और बाकी हैं। नेपोमनियाच्ची अगर तीसरी बार जीतते हैं तो लगातार तीन खिताब जीतने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी होंगे। प्रगनानंदा के साथ टूर्नामेंट में उनकी मां नागलक्ष्मी भी आई हुई हैं। प्रगनानंदा कहते हैं कि आपके साथ कमरे में किसी का होना महत्वपूर्ण है। यह उस वक्त और महत्वपूर्ण हो जाता है जब आप हारते हैं। मैं उनके सहयोग के लिए उनका आभारी हूं।
हंपी दौड़ से बाहर नहीं
देश के दूसरे ग्रैंड मास्टर दिब्येंदु बरुआ ने कहा- मैं कोनेरू हंपी को चौथे दौर में हार के बावजूद दौड़ से बाहर नहीं मानता हूं। उनके पास जीतने की काबलियत और इच्छाशक्ति दोनों हैं। विदित भी वापसी करने में सक्षम हैं और गुकेश स्कोर कर सकते हैं।
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भारतीय तिकड़ी के पास मौका
देश के तीसरे ग्रैंड मास्टर प्रवीण थिप्से ने कहा- नाकामुरा अपने आपको प्रेरित नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते भारतीय तिकड़ी और नेपोमनियाच्ची, कारुआना के पास मौका है।
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प्रगनानंदा के साथ मौजूद हैं उनकी मां
पिछले दो बार के कैंडिडेट्स विजेता फिडे के झंडे तले खेल रहे रूस के नेपोमिनयाच्ची चार दौर के बाद तीन अंक लेकर बढ़त पर हैं। अभी 10 दौर और बाकी हैं। नेपोमनियाच्ची अगर तीसरी बार जीतते हैं तो लगातार तीन खिताब जीतने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी होंगे। प्रगनानंदा के साथ टूर्नामेंट में उनकी मां नागलक्ष्मी भी आई हुई हैं। प्रगनानंदा कहते हैं कि आपके साथ कमरे में किसी का होना महत्वपूर्ण है। यह उस वक्त और महत्वपूर्ण हो जाता है जब आप हारते हैं। मैं उनके सहयोग के लिए उनका आभारी हूं।
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हंपी दौड़ से बाहर नहीं
देश के दूसरे ग्रैंड मास्टर दिब्येंदु बरुआ ने कहा- मैं कोनेरू हंपी को चौथे दौर में हार के बावजूद दौड़ से बाहर नहीं मानता हूं। उनके पास जीतने की काबलियत और इच्छाशक्ति दोनों हैं। विदित भी वापसी करने में सक्षम हैं और गुकेश स्कोर कर सकते हैं।
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भारतीय तिकड़ी के पास मौका
देश के तीसरे ग्रैंड मास्टर प्रवीण थिप्से ने कहा- नाकामुरा अपने आपको प्रेरित नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते भारतीय तिकड़ी और नेपोमनियाच्ची, कारुआना के पास मौका है।