फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Candidates Chess champion Indian Grandmaster D Gukesh comes home to rousing welcome in Chennai

Candidates Chess: गुकेश का स्वदेश लौटने पर हुआ भव्य स्वागत, भारी संख्या में एयरपोर्ट पर जुटे प्रशंसक

Thu, 25 Apr 2024 08:28 AM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Thu, 25 Apr 2024 08:28 AM IST
सार

भारतीय ग्रैंडमास्टर ने टोरंटो में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का खिताब जीतकर गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ा था। वह 40 साल पहले महान गैरी कास्पारोव द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ते हुए विश्व खिताब के लिए सबसे कम उम्र के चैलेंजर बन गए थे।

विज्ञापन
Candidates Chess champion Indian Grandmaster D Gukesh comes home to rousing welcome in Chennai
डी गुकेश - फोटो : PTI

विस्तार

कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत हुआ। गुकेश टोरंटो में हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे। गुकेश गुरुवार देर रात चेन्नई पहुंचे जहां एयरपोर्ट पर भारी संख्या में मौजूद प्रशंसकों ने उनका स्वागत किया। 
विज्ञापन


गुकेश की एक झलक पाने को बेताब दिखे फैंस
वेलामल विद्यालय जहां गुकेश पढ़ते हैं वहां के सैकड़ों छात्र एयरपोर्ट पर करीब एक घंटे तक उनका इंतजार करते रहे। इसके अलावा जैसे-जैसे गुकेश की फ्लाइट लैंड होने का समय नजदीक आता गया वैसे-वैसे एयरपोर्ट पर फैंस की भीड़ बढ़ती चली गई। यह युवा शतरंज खिलाड़ी करीब तीन बजे एयरपोर्ट से बाहर आया और उन्हें तुरंत वहां मौजूद फैंस ने घेर लिया। फैंस ने गुकेश को माला पहनाई और पुलिस को उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए मेहनत करनी पड़ी। गुकेश की मां पदमा जो एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं वह भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गुकेश का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थीं। गुकेश ने भीड़ के बीच जैसे ही अपनी मां को देखा उनके चेहरे पर मुस्कान देखने मिली। इसके बाद गुकेश अपनी मां से गले मिले। गुकेश के पिता रजनीकांत जो पेशे से एएनटी सर्जन हैं, लेकिन उनका समर्थन करने के लिए उन्होंने अपने प्रैक्टिस छोड़ दी थी, वो गुकेश के साथ टोरंटो गए थे। 
विज्ञापन


'भरोसा था मैं जीत दर्ज करूंगा'
गुकेश ने एयरपोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, घर लौटकर काफी खुशी हो रही है, यह एक विशेष उपलब्धि है। मैं टूर्नामेंट की शुरुआत से ही अच्छी स्थिति में था। मुझे पूरा भरोसा था कि मैं यह टूर्नामेंट जीत लूंगा और भाग्य ने भी मेरा साथ दिया। यह देखना सुखद है कि लोग शतरंज को पसंद कर रहे हैं। मैं तमिलनाडु सरकार, अम्मा (मां), अप्पा (पिता), कोच, दोस्तों, परिवार, प्रायोजक और अपने स्कूल को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस टूर्नामेंट को जीतने में मेरी काफी मदद की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गुकेश ने तोड़ा था गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड
भारतीय ग्रैंडमास्टर ने टोरंटो में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का खिताब जीतकर गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ा था। वह 40 साल पहले महान गैरी कास्पारोव द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ते हुए विश्व खिताब के लिए सबसे कम उम्र के चैलेंजर बन गए थे। गुकेश कैंडिडेट्स चेस टूर्नामेंट जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने थे। वह विश्वनाथन आनंद के बाद कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट जीतने वाले दूसरे भारतीय भी हैं। गुकेश ने 14वें और अंतिम राउंड में अमेरिकी हिकारू नाकामुरा के साथ आसान ड्रॉ खेला और टूर्नामेंट को 14 में से नौ अंकों के साथ समाप्त किया था। इस जीत के साथ ही गुकेश मौजूदा विश्व चैंपियन चीन के डिंग लिरेन को इस साल के आखिर में होने वाले मुकाबले में चुनौती दे सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed