हौसला: हर्षिता तोमर ने लकड़ी की बोट बनवाकर घर पर किया अभ्यास, अब ओलंपिक में शामिल होने के लिए झोंकेंगी ताकत
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हौलसा बुलंद हो तो हर काम आसान हो जाता है। कुछ ऐसी ही कहानी है मध्यप्रदेश के होसंगाबाद की रहने वाली हर्षिता तोमर की। वॉटर स्पोर्ट्स चैंपियन हर्षिता टोक्यो ओलंपिक ओलिंपिक के क्वालिफाइंग राउंड में पहुंच गई हैं। वह 2 से 8 अप्रैल तक ओमान में होने वाले क्वालीफाइंग राउंड में 14 देशों के खिलाड़ियों के साथ रेस करेंगी। इस स्पर्धा में फाइनल स्कोर को टोक्यो ओलंपिक में शामिल होने के लिए क्वालीफाइंग स्कोर तय किया गया है। याचीन एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से हर्षिता तोमर सेलिंग रेडियल क्लाक वर्ल्ड ईवेंट में शामिल होने क्वालिफाइंग राउंड में दस्तक दी है।
ये हर्षिता का ओलंपिक में शामिल होने के लिए जुनून था कि उन्होंने कोरोनाकाल में भी लगातार अभ्यास किया। उनके पिता ने घर में लकड़ी की नाव बनवाई जिसके चलते हर्षिता प्रैक्टिस कर सकें। इतना ही नहीं हर्षिता ने इस दौरान अपना 10 किलो वजन भी बढ़ाया। क्योंकि क्योंकि सेलिंग रेडियल क्लॉक वर्ल्ड भारी बोट है, जिसे चलाने के लिए वजन और मसल्स का मजबूत होना चाहिए।
हर्षिता सेलिंग रेडियल क्लाक वर्ल्ड इवेंट में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वह सीनियर वूमन एज ग्रुप में शामिल हुई हैं। 3 और 4 अप्रैल को इस स्पर्धा में 2-2 रेस हुईं जिनमें हर्षिता टॉप पर रहीं। इस स्पर्धा में चीन, इंडोनेशिया, सिंगापुर, ओमान, श्रीलंका और अफगानिस्तान सहित 8 देशों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। वह ये रेस जीतने के बाद ही ओलंपिंक के लिए क्वालीफाइ कर सकेंगी।
हर्षिता तोमर ने कोरोना काल में भी जमकर तैयारी की। पिता देवेंद्र तोमर ने अकादमी फिजकल एक्सरसाइज के लिए कई लकड़ी के उपकरण बनवाए। इनके जरिए कोरोना काल के दौरान हर्षिता लगातार तैयारी करती रहीं। वही मां रानी तोमर ने हर्षिता की डाइट का पूरा ख्याल रखा।