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Beijing Winter Olympics: स्कीइंग शुरू करने की पहल, कश्मीरी परिवारों ने विंटर ओलंपिक का टिकट हासिल करने वाले आरिफ से साधा संपर्क
Tue, 25 Jan 2022 01:13 PM IST
स्वप्निल शशांक
हेमंत रस्तोगी, डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 25 Jan 2022 01:13 PM IST
सार
आरिफ ने चार से 20 फरवरी को होने वाले विंटर ओलंपिक के लिए अल्पाइन स्कीइंग की स्लालम और जाइंट स्लालम इवेंटों के लिए सीधे क्वालिफाई किया है। ऐसा करने वाले वह देश के पहले स्कीयर हैं।
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स्कीइंग
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आरिफ खान महज चार साल के साल के थे जब उन्होंने गुलमर्ग की बर्फ पर स्कीइंग शुरू की। समझदार हुए तो एक ही सपना देखने लगे कि इस बर्फीले खेल की इतनी ऊंचाईयां छुएं कि अशांत कश्मीरी युवाओं और अगली पीढ़ी की प्रेरणा बन सकें। 31 साल की उम्र में बीजिंग विंटर ओलंपिक का टिकट हासिल करने के बाद आरिफ वाकई कश्मीरी युवाओं की राह बन गए हैं।
आरिफ को खुशी है कि कई कश्मीरी परिवारों ने अपने बच्चों को स्कीइंग शुरू कराने के लिए उनसे और उनके परिवार से संपर्क किया है। आरिफ को गर्व है कि वह देश के 135 करोड़ लोगों की पहचान बनकर बीजिंग विंटर ओलंपिक में देश का प्रतिनिधत्व करने वाले इकलौते कश्मीरी बनकर जा रहे हैं। यही कारण है कि आरिफ ने बीजिंग में देश के झंडे तिरंगे की पोशाक में उतरने का फैसला लिया है।
दो फरवरी को जाएंगे बीजिंग
आरिफ ने चार से 20 फरवरी को होने वाले विंटर ओलंपिक के लिए अल्पाइन स्कीइंग की स्लालम और जाइंट स्लालम इवेंटों के लिए सीधे क्वालिफाई किया है। ऐसा करने वाले वह देश के पहले स्कीयर हैं। आरिफ ऑस्ट्रिया से तैयारियां कर तीन दिन पहले ही कश्मीर लौटे हैं। आरिफ अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि वह दो फरवरी को दिल्ली से बीजिंग रवाना होंगे। तब तक वह गुलमर्ग में तैयारियां करेंगे।
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भर आईं आंखें जब कहा कश्मीरी युवाओं का हैं गौरव
कश्मीर पहुंचने पर आरिफ लोगों के प्यार से अभिभूत हैं। वह भावुक होकर बताते हैं कि उनसे कश्मीर में कहा गया कि उनकी मेहनत उन लोगों की शान बन गई है। कश्मीर के युवाओं और आने वाली पीढ़ी के लिए वह गौरव बन गए हैं। आरिफ खुलासा करते हैं कि स्कीइंग भारत में सिर्फ कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में होती है और तीनों ही जगहों से उन्होंने भारी संख्या में स्कीइंग शुरू करने के लिए संदेश आ रहे हैं।
मनोज सिन्हा बने प्रेरणा
आरिफ के मुताबिक जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गर्वनर मनोज सिन्हा पिछले एक साल से उनकी प्रेरणा बन गए हैं। कल ही उन्होंने अपने आवास पर बुलाकर उन्हें बीजिंग में कुछ कर दिखाने के लिए प्रेरित किया। वह खेलों की बेहतरीन स्कीम, ईनाम लेकर आए हैं। इससे युवा खेलों को अपना रहे हैं।
2018 में पैसे के चलते नहीं कर पाए क्वालिफाई
आरिफ चार विश्व चैंपियनशिप में शिरकत कर चुके हैं। 2018 के विंटर ओलंपिक में क्वालिफाई करने की वह दहलीज पर थे। उन्हें बस एक इवेंट खेलनी थी, लेकिन उनके पास पैसा नहीं था। उन्होंने लोगों से पैसा जुटाया पिता के व्यापार का सारा पैसा लगाया। बावजूद इसके वह पूरी राशि नहीं जुटा पाए और क्वालिफाई करने से रह गए। वह समय उन्हें नहीं भूलता है।
विंटर ओलंपिक के लिए रोकी शादी
विंटर ओलंपिक में खेलने के लिए आरिफ ने अपनी शादी भी रोक दी। उनकी शादी कुछ माह पहले होने थी। आरिफ बताते हैं कि उन्होंने अपनी मंगेतर और ससुराल वालों को समझाया। वह मान गए, लेकिन विंटर ओलंपिक के बाद वह शादी करेंगे। इसे और ज्यादा नहीं रोक सकते हैं।
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आरिफ को खुशी है कि कई कश्मीरी परिवारों ने अपने बच्चों को स्कीइंग शुरू कराने के लिए उनसे और उनके परिवार से संपर्क किया है। आरिफ को गर्व है कि वह देश के 135 करोड़ लोगों की पहचान बनकर बीजिंग विंटर ओलंपिक में देश का प्रतिनिधत्व करने वाले इकलौते कश्मीरी बनकर जा रहे हैं। यही कारण है कि आरिफ ने बीजिंग में देश के झंडे तिरंगे की पोशाक में उतरने का फैसला लिया है।
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दो फरवरी को जाएंगे बीजिंग
आरिफ ने चार से 20 फरवरी को होने वाले विंटर ओलंपिक के लिए अल्पाइन स्कीइंग की स्लालम और जाइंट स्लालम इवेंटों के लिए सीधे क्वालिफाई किया है। ऐसा करने वाले वह देश के पहले स्कीयर हैं। आरिफ ऑस्ट्रिया से तैयारियां कर तीन दिन पहले ही कश्मीर लौटे हैं। आरिफ अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि वह दो फरवरी को दिल्ली से बीजिंग रवाना होंगे। तब तक वह गुलमर्ग में तैयारियां करेंगे।
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भर आईं आंखें जब कहा कश्मीरी युवाओं का हैं गौरव
कश्मीर पहुंचने पर आरिफ लोगों के प्यार से अभिभूत हैं। वह भावुक होकर बताते हैं कि उनसे कश्मीर में कहा गया कि उनकी मेहनत उन लोगों की शान बन गई है। कश्मीर के युवाओं और आने वाली पीढ़ी के लिए वह गौरव बन गए हैं। आरिफ खुलासा करते हैं कि स्कीइंग भारत में सिर्फ कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में होती है और तीनों ही जगहों से उन्होंने भारी संख्या में स्कीइंग शुरू करने के लिए संदेश आ रहे हैं।
मनोज सिन्हा बने प्रेरणा
आरिफ के मुताबिक जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गर्वनर मनोज सिन्हा पिछले एक साल से उनकी प्रेरणा बन गए हैं। कल ही उन्होंने अपने आवास पर बुलाकर उन्हें बीजिंग में कुछ कर दिखाने के लिए प्रेरित किया। वह खेलों की बेहतरीन स्कीम, ईनाम लेकर आए हैं। इससे युवा खेलों को अपना रहे हैं।
2018 में पैसे के चलते नहीं कर पाए क्वालिफाई
आरिफ चार विश्व चैंपियनशिप में शिरकत कर चुके हैं। 2018 के विंटर ओलंपिक में क्वालिफाई करने की वह दहलीज पर थे। उन्हें बस एक इवेंट खेलनी थी, लेकिन उनके पास पैसा नहीं था। उन्होंने लोगों से पैसा जुटाया पिता के व्यापार का सारा पैसा लगाया। बावजूद इसके वह पूरी राशि नहीं जुटा पाए और क्वालिफाई करने से रह गए। वह समय उन्हें नहीं भूलता है।
विंटर ओलंपिक के लिए रोकी शादी
विंटर ओलंपिक में खेलने के लिए आरिफ ने अपनी शादी भी रोक दी। उनकी शादी कुछ माह पहले होने थी। आरिफ बताते हैं कि उन्होंने अपनी मंगेतर और ससुराल वालों को समझाया। वह मान गए, लेकिन विंटर ओलंपिक के बाद वह शादी करेंगे। इसे और ज्यादा नहीं रोक सकते हैं।