एशियाई कुश्ती चैंपियनशिपः बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट करेंगे भारतीय चुनौती की अगुवाई
- मंगलवार से शुरू हो रही एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप
- दिल्ली के केडी जाधव कुश्ती स्टेडियम में छह दिनों तक चलेगा यह टूर्नामेंट
विस्तार
गत चैम्पियन भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया (65 किग्रा) मंगलवार से शुरू हो रही एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अपनी बादशाहत कायम रखना चाहेंगे जबकि पिछले सत्र में कांस्य पदक जीतने वाली विनेश फोगाट (53 किग्रा) अपने पदक के रंग को बदलना चाहेंगी।
यहां के केडी जाधव कुश्ती स्टेडियम में छह दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में भारतीय पहलवानों के पास टोक्यो ओलंपिक से पहले घरेलू दर्शकों के सामने अपना कौशल दिखाने का मौका होगा।
इस चैंपियनशिप को यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने टोक्यो ओलंपिक के लिए रैंकिंग टूर्नामेंट का दर्जा दिया है। पूनिया और विनेश के अलावा 30 सदस्यीय भारतीय दल में दीपक पूनिया, रवि कुमार दाहिया और ओलंपिक पदकधारी साक्षी मलिक भी पदक की दावेदारों में शामिल हैं।
अंशु मलिक, आशु और सोनम मलिक जैसे युवा खिलाड़ी टूर्नामेंट के जरिए अपनी पहचान बनाना चाहेंगे। टूर्नामेंट को तीन श्रेणियों में खेला जाएगा। जिसमें पुरुषों की फ्री स्टाइल, ग्रीको रोमन और महिलाओं की कुश्ती शामिल है। पहले दो दिन ग्रीको रोमन मुकाबले होंगे, उसके बाद महिलाओं की कुश्ती (अगले दो दिन) और फिर पुरुष फ्रीस्टाइल (अंतिम दो दिन) के मुकाबले होंगे।
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक संकट के कारण टूर्नामेंट से पहले पाकिस्तान के चार पहलवानों और दो मैच अधिकारियों के भारत आने पर संशय था लेकिन उन्हें सरकार द्वारा चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए मंजूरी दे दी गई।
टूर्नामेंट में हालांकि चीन का 40 सदस्यीय दल भाग नहीं लेगा क्योंकि कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण भारत सरकार ने चीन के दल को वीजा जारी नहीं किया। सीनियर एशियाई चैंपियनशिप का भारत में दो साल बाद आयोजन हो रहा है। पिछले साल इसका आयोजन चीन के शियान प्रांत में हुआ था जहां भारतीय खिलाड़ियों ने 16 पदक जीते थे। इसमें 65 किग्रा भार वर्ग में पूनिया का स्वर्ण पदक भी शामिल था।