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योगेश्वर ने याद दिलाई 'बजरंग' को उनकी ताकत, ऐसे बने 'श्रीराम'
भाषा, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Aug 2018 07:46 PM IST
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योगेस्वर दत्त और बजरंग पूनिया
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इस सत्र में तीन स्वर्ण पदक जीतकर भारत के सबसे सफल पहलवान रहे बजरंग पूनिया ने कहा कि उन्होंने अपने मेंटर योगेश्वर दत्त से सीखा कि नाम कमाने का एकमात्र जरिया बड़े पहलवानों पर जीत दर्ज करना है।
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बजरंग बेहतरीन फार्म में चल रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता और इसके बाद जार्जिया में तिबलिसी ग्रां प्री और इस्ताम्बुल में यासर दोगु अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी सोने के तमगे हासिल किए। जकार्ता में एशियाई खेलों में पुरूषों की फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता में भारत की तरफ की बजरंग स्वर्ण पदक जीतने के सबसे प्रबल दावेदार हैं।
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बजरंग ने पीटीआई से कहा, 'योगेश्वर मेरे आदर्श हैं। वह हमेशा मुझसे कहते हैं कि 'तुम कर सकते हो, तुम सर्वश्रेष्ठ हो।' उन्होंने कभी ऐसा नहीं कहा कि विरोधी खिलाड़ी ओलंपिक चैंपियन है और तुम नहीं जीत सकते हो। वह कहते हैं,'तुमने अच्छी तरह से प्रशिक्षण लिया है, तुम फिट हो और इसलिए किसी को भी हरा सकते हो। अगर हम विश्व चैंपियन को हराते हैं तभी दुनिया आप पर ध्यान देगी और हम नाम कमा पाएंगे।' इसलिए उन्होंने मुझसे कहा कि बड़े खिलाड़ियों को हराओ। वह हमेशा मेरा मनोबल बढ़ाये रखते हैं और मुझे प्रेरित करते हैं।'
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जकार्ता खेलों से पहले सोनीपत में अभ्यास कर रहे इस 24 वर्षीय पहलवान ने कहा, 'अब वह संन्यास ले चुके हैं और उनके पास मेरे साथ काम करने का पर्याप्त समय है। वह मेरे साथ अपना पूरा अनुभव साझा करते हैं और इससे मुझे मदद मिल रही है। वह चार ओलंपिक में खेले हैं और वह उसी वर्ग (65 किग्रा) में खेलते थे जिसमें मैं खेलता हूं इसलिए यह मेरे लिये बेहद फायदेमंद है।' इंचियोन में रजत पदक जीतने वाले बजरंग ने कहा कि इस सत्र में तीन टूर्नामेंट में जीत से वह जकार्ता खेलों के लिये अच्छी तरह से तैयार हैं।
उन्होंने कहा, 'एशियाई खेलों से पहले ये टूर्नामेंट मेरे लिये वास्तव में अच्छे रहे। इससे मेरा अनुभव बढ़ा। मैं जानता हूं कि किस परिस्थिति में कौन सी तकनीक का उपयोग करना है। मैं एशियाई खेलों से पहले वास्तव में काफी आत्मविश्वास से भरा हूं और मैंने इस साल जो कुछ सीखा है उसे आजमाने की कोशिश करूंगा। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा।'